गुजरात सरकार ने शेर संरक्षण और संवर्धन की योजनाओं व प्रोजेक्ट्स को प्रभावी तरीके से किया
गांधीनगर, 9 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात सरकार के वन विभाग ने इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को एक विशेष और प्रतिबंधित बाड़े में रखने का निर्णय लिया है। वन विभाग ने आंबरडी सफारी पार्क में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशेष प्रतिबंधित बाड़े के निर्माण के लिए काम शुरू कर दिया है। इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को इस बाड़े में उनके प्राकृतिक आवास में रखा जाएगा। बता दें कि आंबरडी सफारी पार्क अमरेली जिले के धारी नगर के समीप स्थित गिर संरक्षित क्षेत्र का एक आरक्षित वन है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शेर संरक्षण और संवर्धन की योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को प्रभावी तरीके से लागू किया है। शेरों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिवर्ष 10 अगस्त को ‘विश्व शेर दिवस’ मनाया जाता है।
इस बारे में प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख डॉ. जयपाल सिंह (आईएफएस) ने कहा, ''इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को प्रतिबंधित बाड़े में रखने के लिए आंबरडी सफारी पार्क में तारबंदी करके उन्हें अनुकूल वातावरण में रखा जाएगा। इस कार्य के लिए आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं और जरूरी काम शुरू हो चुका है।”
इंसानों और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को कम करने, जानवरों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने, जैविक संतुलन को बनाए रखने और प्रजातियों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए वन विभाग समय-समय पर वन्यजीवों के वैज्ञानिक तरीके से स्थानांतरण का काम करता है।
वन्यजीवों के स्थानांतरण के पीछे आम तौर पर अनेक कारण होते हैं। जब जानवर गांव या आबादी वाले इलाकों में घुस जाता है, तब उसे सुरक्षित रूप से पकड़कर वापस जंगल में छोड़ दिया जाता है। इसके अलावा, घायल या बीमार जानवरों के उपचार के लिए, आबादी नियंत्रण और सही आवास (हैबिटेट) उपलब्ध कराने के लिए भी स्थानांतरण किया जाता है।
शेर और तेंदुए के मामले में वे अक्सर खेतों या रिहायशी इलाकों में भटक जाते हैं, इसलिए उन्हें पकड़कर सुरक्षित अभयारण्य या वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है। वहीं, मगरमच्छों के मामले में तालाबों या नदी किनारे बस्तियों के निकट पाए जाने पर उन्हें सुरक्षित जलाशयों में छोड़ दिया जाता है।
अमरेली जिले के धारी शहर के निकट स्थित आंबरडी सफारी पार्क गुजरात का एक महत्वपूर्ण वन्यजीव पर्यटन केंद्र है। लगभग 365 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह पार्क गिर के प्राकृतिक पर्यावरण का अनुभव कराता है। यहां एशियाई शेरों के अलावा तेंदुए, चीतल, नीलगाय, चिंकारा, मोर और विभिन्न पक्षियों का संरक्षण किया जाता है।
वर्ष 2017 में शुरू किया गया आंबरडी सफारी पार्क वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। आधुनिक सफारी सुविधाओं, हरे-भरे प्राकृतिक माहौल और गिर के वन्यजीवन का निकट से अनुभव करने का अवसर मिलने के कारण प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में सैलानी यहां आते हैं। यह पार्क स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ अमरेली जिले में इको-टूरिज्म के विकास में भी अहम योगदान दे रहा है। वन्यजीवों में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए आंबरडी सफारी पार्क आकर्षण का केंद्र बन गया है।
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Created On :   9 Aug 2026 1:32 PM IST












