गुना जिले में दो दिवसीय कृषि विज्ञान एवं मिलेट मेले का समापन, किसानों को दी गई उन्नत तकनीकों की जानकारी
गुना, 27 फरवरी (आईएएनएस)। कृषकों की आय वृद्धि, उन्नत तकनीकों के प्रसार और नवाचार-आधारित खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषक कल्याण वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में दो दिवसीय 25 और 26 फरवरी को जिला स्तरीय 'कृषि विज्ञान मेला सह मिलेट मिशन मेला' जिला पंचायत विश्राम गृह गुना में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की ओर से किसानों की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि गुना जिले के किसान निरंतर नए-नए प्रयोग कर विकास की राह में आगे बढ़ रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष किसानों ने उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और कृषि के नए मॉडल विकसित हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्राकृतिक खेती का महत्व समझाते हुए उन्होंने कहा कि प्रारंभिक वर्ष में उत्पादन कुछ कम हो सकता है, किंतु समय के साथ उत्पादन में वृद्धि होती है। जैविक उत्पादों की बाजार में मांग अधिक है और इनके बेहतर दाम भी प्राप्त होते हैं। विभिन्न प्रमाणपत्र मिलने से निर्यात में भी सुविधा होती है तथा जैविक उत्पाद स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होते हैं। जैविक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक रविवार को हाट बाजार लगाया जा रहा है। इस मॉडल को आगे ब्लॉक और पंचायत स्तर तक विस्तारित करने की कार्ययोजना भी बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि सखियां भी किसानों को निरंतर जागरूक कर रही हैं। विशेष बात यह है कि महिलाएं स्वयं आगे आकर किसानों को तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं और उन्हें नई-नई कृषि विधियां सिखा रही हैं। इस वर्ष ई-विकास प्रणाली भी लागू की गई है, जिसके तहत किसानों को अब लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को मोबाइल पर ही यह जानकारी मिल जाएगी कि किस केंद्र से, किस तारीख को और किस स्लॉट के लिए खाद उपलब्ध होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जिले के किसान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पराली न जलाने में जिला अग्रणी रहा है।
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। मेले में कृषि विज्ञान केंद्र देवास से वैज्ञानिक डॉ. आरपी शर्मा तथा डॉ. केएस भार्गव, कृषि विज्ञान अशोकनगर से डॉ. बीएस गुप्ता समेत कई जानकारों द्वारा किसानों को नई कृषि तकनीकों का प्रसार, उन्नत बीज व किस्मों का प्रदर्शन, जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और कृषि यंत्रों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
साथ ही प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन एवं संवाद सत्र आयोजित किए गए एवं मेले में प्राकृतिक खेती, मिलेट गैलरी, खाद, बीज, दवा, सिंचाई उपकरण, कृषि यंत्र निर्माता/विक्रेता कंपनियों द्वारा अपनी स्टॉल के माध्यम से अपने उत्पादों की जानकारी प्रदान की गई। जिले के उन्नत और खेती में नवाचार करने वाले विकासशील किसानों को प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सिकरवार, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, जिला पंचायत सदस्य महेन्द्र सिंह किरार, संतोष धाकड़, सांसद प्रतिनिधि अशोक शर्मा, कल सिंह पटेलिया, कृषि स्थाई समिति अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह राजपूत, मुनेश धाकड़, रमेश मालवीय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं उपसंचालक कृषि संजीव शर्मा, उपसंचालक उद्यानिकी के.पी.एस. किरार सहित अन्य अधिकारी एवं लगभग 2,500 कृषकगण उपस्थित रहे।
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Created On :   27 Feb 2026 10:02 PM IST












