ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का मार्च, भाजपा ने कहा- एसआईआर लोकतंत्र के लिए जरूरी
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के तहत विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में संसद से चुनाव आयोग (ईसीआई) तक विरोध मार्च निकाला।
कांग्रेस सांसदों का कहना था कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से कुछ सवालों के जवाब चाहते हैं, लेकिन उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस सांसदों ने अपने विरोध को आजादी की दूसरी लड़ाई बताया। भाजपा ने विपक्ष के इस प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता विपक्ष को पहले ही नकार चुकी है और इस तरह के प्रदर्शनों से कुछ हासिल नहीं होने वाला।
आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष को लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार है, लेकिन जिस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है, वह जानबूझकर खड़ा किया गया है। उन्होंने कहा कि वोटों को लेकर कोई समस्या नहीं है और लोकतंत्र के लिए एसआईआर जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध करना आवश्यक है।
हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में है और अदालत ने इस पर नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कम से कम अदालत का सम्मान करना चाहिए और उसके फैसले का इंतजार करना चाहिए। जब कोई मामला अदालत में विचाराधीन हो, तो उस पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने इंडिया ब्लॉक पर भी निशाना साधते हुए इसे स्वार्थ के लिए साथ आए लोगों का गठबंधन बताया।
भाजपा नेता अशोक वाजपेयी ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की नीतियों की आलोचना करना, सदन में चर्चा करना और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन में चर्चा करने के बजाय सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति अपना रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि विपक्ष के पास इन मुद्दों पर पर्याप्त तर्क और जवाब नहीं हैं।
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि अगर उन्हें चुनाव आयोग तक जाने दिया जाएगा तो वे वहां पहुंचेंगे और अगर उन्हें रोका गया तो पुलिस जहां ले जाएगी, वे वहां जाएंगे।
प्रदर्शन को ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ बताते हुए उन्होंने कहा कि जब तक देश को लोकतंत्र के दुश्मनों से मुक्त नहीं करा लिया जाता, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने दावा किया कि अब जनता के साथ-साथ छात्र भी सड़कों पर उतर चुके हैं।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि उनका विरोध केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि वे पोलिंग बूथ तक जाकर लोगों के सामने यह मामला उठाएंगे और उन लोगों की जानकारी सामने लाएंगे, जिनके वोट हटाए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र के चुनावों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इशारे पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने 13 करोड़ से अधिक लोगों के वोट हटाए जाने को लेकर भाजपा से जवाब देने की मांग की। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि देश के कोने-कोने में लोग उन्हें जानते हैं और उन्हें किसी तरह के ‘लॉन्च’ की जरूरत नहीं है।
संसदीय क्षेत्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना था, लेकिन उनके क्षेत्र में हजारों वोट कथित तौर पर काटे गए। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों ने उन्हें अपना सांसद चुना, उनके वोट क्यों हटाए गए।
--आईएएनएस
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Created On :   6 Oct 2026 7:17 PM IST












