ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र की हत्या की, वोट काटने की साजिश उजागर हरपाल सिंह चीमा

ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र की हत्या की, वोट काटने की साजिश उजागर हरपाल सिंह चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एसआईआर को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग और ईसीआई प्रमुख ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के जरिए लोगों के वोट काटने की कथित कोशिश अब देश के सामने उजागर हो गई है। चीमा ने इसे लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मामला बताया। इसके साथ ही, उन्होंने पराली जलाने को लेकर जारी किए गए आदेश को पंजाब और देश के किसानों के खिलाफ बताया।

चंडीगढ़, 23 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एसआईआर को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग और ईसीआई प्रमुख ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के जरिए लोगों के वोट काटने की कथित कोशिश अब देश के सामने उजागर हो गई है। चीमा ने इसे लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मामला बताया। इसके साथ ही, उन्होंने पराली जलाने को लेकर जारी किए गए आदेश को पंजाब और देश के किसानों के खिलाफ बताया।

हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के लोकतंत्र के खिलाफ साजिश के तहत एसआईआर के माध्यम से लोगों के वोट काटने की कोशिश की। अब लोगों के सामने यह बात स्पष्ट हो गई है कि चुनाव आयोग का कथित तौर पर किस तरह इस्तेमाल किया गया। ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के कहने पर उन्होंने लोगों के वोट काटे और लोकतंत्र की हत्या की। बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत जिन राज्यों में चुनाव हुए, वहां भाजपा ने वोट काटकर और वोट चोरी करके चुनाव जीते। यह बहुत बड़ी कार्रवाई का मामला है और चुनाव आयोग को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देशभर में वोट चोरी कर रही है। पंजाब में भी करीब 20 लाख वोट काट दिए गए हैं। यह स्थिति देश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। चीमा ने संविधान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचा रही है।

पराली के मुद्दे पर हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर पंजाब के किसानों के खिलाफ आदेश जारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक मदद देने के बजाय ऐसा फरमान जारी किया गया है, जो उनके हितों के खिलाफ है। पंजाब के किसानों ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया था। उसी आंदोलन के कारण भाजपा में पंजाब के किसानों के प्रति बदले की भावना पैदा हुई और इसी वजह से अब ऐसा आदेश जारी किया गया है। पराली की समस्या को लेकर किसानों को आर्थिक सहायता और सहयोग देने की जरूरत है, न कि उनके खिलाफ ऐसे आदेश जारी करने की।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   23 Sept 2026 8:14 PM IST

Tags

Next Story