हर रात आते हैं जोरदार खर्राटे? शरीर दे रहा होता है इन खतरे का संकेत

हर रात आते हैं जोरदार खर्राटे? शरीर दे रहा होता है इन खतरे का संकेत
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता मोटापा, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण खर्राटों की समस्या पहले से ज्यादा देखने को मिल रही है।

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता मोटापा, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण खर्राटों की समस्या पहले से ज्यादा देखने को मिल रही है।

मेडिकल रिसर्च की मानें तो खर्राटे तब आते हैं जब नींद के दौरान सांस लेने का रास्ता पूरी तरह खुला नहीं रह पाता। जब व्यक्ति सांस लेता है, तो हवा को नाक और गले से होकर फेफड़ों तक पहुंचना होता है। अगर इस रास्ते में कहीं भी रुकावट आ जाए, तो हवा को गुजरने में ज्यादा दबाव लगाना पड़ता है। इस दौरान गले के टिश्यू हिलने लगते हैं और कंपन पैदा करते हैं। यही कंपन खर्राटों की आवाज में बदल जाता है। जितनी ज्यादा रुकावट होगी, आवाज भी उतनी तेज हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता वजन खर्राटों की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। जब शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने लगती है तो उसका असर केवल पेट या कमर तक सीमित नहीं रहता। गले के आसपास भी चर्बी जमा हो सकती है, जिससे सांस का रास्ता संकरा हो जाता है। रात में सोते समय मांसपेशियां स्वाभाविक रूप से ढीली पड़ती हैं और ऐसे में हवा के आने-जाने में और अधिक बाधा पैदा हो सकती है। यही कारण है कि अधिक वजन वाले लोगों में खर्राटों की शिकायत ज्यादा देखी जाती है।

शराब का सेवन और कुछ प्रकार की नींद की दवाएं भी इस समस्या को बढ़ा सकती हैं। मेडिकल विशेषज्ञ बताते हैं कि ये चीजें गले और सांस की नली की मांसपेशियों को जरूरत से ज्यादा ढीला कर देती हैं, जिससे सांस का रास्ता पहले से ज्यादा सिकुड़ सकता है। परिणामस्वरूप खर्राटों की आवाज बढ़ जाती है और कुछ मामलों में सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है।

नाक से जुड़ी समस्याएं भी खर्राटों का बड़ा कारण हो सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से साइनस की समस्या है, बार-बार एलर्जी होती है या नाक के अंदर सूजन बनी रहती है, तो नाक से हवा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है। मुंह से सांस लेने पर खर्राटों की संभावना काफी बढ़ जाती है।

डॉक्टरों का कहना है कि हल्के और कभी-कभी आने वाले खर्राटे आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होते। लेकिन अगर खर्राटे रोजाना आते हैं, बहुत तेज आवाज करते हैं या उनके साथ कुछ और लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो सावधान होने की जरूरत है। खासकर अगर सोते समय सांस रुकने लगे, अचानक घुटन महसूस हो, बार-बार नींद टूट जाए या सुबह उठने पर बहुत ज्यादा थकान महसूस हो, तो यह एक गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकता है।

मेडिकल रिसर्च में जिस समस्या को सबसे ज्यादा गंभीर माना जाता है, उसे ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया कहा जाता है। इस स्थिति में सोते समय सांस कुछ सेकंड के लिए बार-बार रुक जाती है। कई बार व्यक्ति को इसका एहसास भी नहीं होता, लेकिन शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। लंबे समय तक ऐसा होने पर ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, याददाश्त की समस्या और दिनभर अत्यधिक नींद आने जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

ऐसे में अगर खर्राटे लगातार बढ़ रहे हों या उनके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो जांच करवाना जरूरी है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   10 Jun 2026 7:09 PM IST

Tags

Next Story