त्रिपुरा विलेज कमिटी चुनाव में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 10 बजे तक 20 प्रतिशत मतदान

त्रिपुरा विलेज कमिटी चुनाव में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 10 बजे तक 20 प्रतिशत मतदान
त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में विलेज कमिटी के चुनावों के लिए सोमवार सुबह 10 बजे तक 20 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। इन इलाकों में 10 साल के अंतराल के बाद मतदान हो रहा है।

अगरतला, 28 सितंबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में विलेज कमिटी के चुनावों के लिए सोमवार सुबह 10 बजे तक 20 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। इन इलाकों में 10 साल के अंतराल के बाद मतदान हो रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के आठ जिलों में सोमवार सुबह 7 बजे वोटिंग शुरू होने से काफी पहले ही अधिकतर आदिवासी समुदायों के पुरुष और महिला वोटर पोलिंग स्टेशनों के बाहर बड़ी संख्या में कतार में लग गए थे।

त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अब तक चुनाव वाले किसी भी इलाके से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है।

सत्ताधारी भाजपा टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी ) और इंडिजिनस पीपल्स फ्रंट ऑफ़ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ मिलकर त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के तहत विलेज कमेटियों के चुनाव में विपक्ष के सीपीआईएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ रही है।

त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग (टीएसईसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी वोटिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी प्रशासनिक और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। कुल 4,597 सीटों में से 587 विलेज कमेटियों की 2,950 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं।

टीएमपी और भाजपा के उम्मीदवार पहले ही 1,644 सीटों पर बिना किसी मुकाबले के जीत चुके हैं जबकि तीन सीटों के लिए कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया। चुनाव के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों के कुल 8,176 उम्मीदवार मैदान में हैं।

अधिकारी ने बताया कि आठ जिलों में 1,095 मतदान केंद्रों पर लगभग 6.65 लाख मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। सीटों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए सफेद, हल्के गुलाबी, हल्के हरे और हल्के नीले रंग के मत पत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।

संवेदनशील और दूर-दराज के इलाकों में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं और वहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारी ने बताया कि मतदान केंद्रों पर मतदान से जुड़ी गतिविधियों को संभालने के लिए लगभग 7,458 मतदान कर्मियों को 1,243 टीमों में बांटा गया है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुचारू और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आठ जिलों में 15,000 से अधिक केंद्रीय और राज्य सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

चुनाव के दौरान सुरक्षा के लिए सीएपीएफ की लगभग 74 कंपनियां (जिनमें करीब 5,000 जवान शामिल हैं) और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) व त्रिपुरा पुलिस के 10,000 जवानों को तैनात किया गया है।

त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग ने पहले 587 विलेज कमेटियों की 4,597 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की थी। ये कमेटियां गैर टीटीएएडीसी और गैर-आदिवासी इलाकों में ग्राम पंचायतों के बराबर होती हैं।

त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, टीएमपी ने 1,557 सीटें (यानी 33.87 प्रतिशत) निर्विरोध जीतीं, जबकि भाजपा ने 81 सीटें (यानी 1.76 प्रतिशत) बिना किसी मुकाबले के हासिल कीं। उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने और टीएमपी, भाजपा और सीपीआईएम M) जैसी विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के 1,069 उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद, सोमवार को सभी आठ जिलों के 52 में से 44 ब्लॉकों की 2,950 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। वोटों की गिनती 5 अक्टूबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद, विलेज कमेटी के चुनाव एक दशक के अंतराल के बाद हो रहे हैं और इन्हें टीटीएएडीसी द्वारा प्रशासित आदिवासी इलाकों में स्थानीय शासन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

2021 से पूर्व शाही परिवार के सदस्य प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा के नेतृत्व वाली टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) 30-सदस्यीय टीटीएएडीसी का संचालन कर रही है। इसमें 28 चुने हुए सदस्य और दो सदस्य राज्य सरकार द्वारा नामित होते हैं।

भारतीय संविधान में 49वें संशोधन के बाद 1 अप्रैल 1985 को छठी अनुसूची के तहत टीटीएएडीसी का गठन किया गया था। इसका अधिकार क्षेत्र त्रिपुरा के 10,491 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लगभग दो-तिहाई हिस्से पर है और यहां 12.16 लाख से अधिक लोग रहते हैं, जिनमें से लगभग 84 प्रतिशत आदिवासी समुदायों से हैं।

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Created On :   28 Sept 2026 11:21 AM IST

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