चक्रवात 'अर्नब' से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर असर पड़ने की आशंका एनडीआरएफ डीआईजी

चक्रवात अर्नब से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर असर पड़ने की आशंका एनडीआरएफ डीआईजी
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने मंगलवार को कहा कि आने वाले साइक्लोन 'अर्नब' से प्रभावित होने वाले राज्यों में 31 टीमों को तैनात किया गया है और स्थिति के लिए एक रणनीति फाइनल कर दिया गया है। साइक्लोन 'अर्नब' पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बहुत गंभीर साइक्लोनिक तूफान बन गया है।

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने मंगलवार को कहा कि आने वाले साइक्लोन 'अर्नब' से प्रभावित होने वाले राज्यों में 31 टीमों को तैनात किया गया है और स्थिति के लिए एक रणनीति फाइनल कर दिया गया है। साइक्लोन 'अर्नब' पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बहुत गंभीर साइक्लोनिक तूफान बन गया है।

एनडीआरएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) मोहसेन शाहेदी ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा, "रविवार को एनडीएमए के तहत एक कोऑर्डिनेशन मीटिंग हुई, जिसमें सभी स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया। इसके बाद, कैबिनेट सेक्रेटरी ने सोमवार को एक मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसमें स्ट्रैटेजी को फाइनल किया गया।"

उन्होंने आगे कहा, "एनडीआरएफ टीमों को उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात किया गया है, जिनके प्रभावित होने की आशंका है। इनमें आंध्र प्रदेश, केंद्र शासित प्रदेश यानम, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। कुल 31 एनडीआरएफ टीमों की मांग की गई थी। अब वहां एनडीआरएफ के जवानों की तैनाती कर दी गई है।"

इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) के अनुसार, साइक्लोन 'अर्नब' के 28 अक्टूबर तक यानम के पास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की उम्मीद है। साइक्लोन के 28 अक्टूबर (बुधवार) को यानम के पास तट को पार करने की संभावना है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि हवाएं तेज होने पर वे घर के अंदर रहें और अगर अधिकारी कहें तो सबसे पास के साइक्लोन शेल्टर में चले जाएं। समुद्र बहुत तूफानी से लेकर बहुत ज्यादा तूफानी होगा; लैंडफॉल पर 1.0 से 2.0 मीटर तक तूफानी लहरें उठने की उम्मीद है, जो काकीनाडा और यानम के पास सबसे ज्यादा होंगी।

आंध्र प्रदेश में अधिकारियों ने 20 जिलों में 2,131 साइक्लोन शेल्टर बनाए हैं। 18 जिलों में लगभग 2.07 करोड़ सब्सक्राइबरों तक मोबाइल अलर्ट पहुंच चुके हैं, जिनमें 6.9 लाख तटीय सब्सक्राइबरों तक लहरों के अलर्ट पहुंचे हैं।

एनडीआरएफ की 12 टीमें और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की 10 टीमें 14 जिलों में तैनात की गई हैं, और हर बल की एक टीम रिजर्व में है।

अधिकारियों ने मछुआरों से 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने को कहा है। अधिकारियों ने कहा कि सभी 30,043 मछली पकड़ने वाली नावें किनारे पर लौट आई हैं। बंदरगाहों पर चेतावनी के संकेत लगाए गए हैं। आंध्र प्रदेश और यानम के अलावा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड वगैरह भी इस तूफान से प्रभावित होंगे।

ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर (एसआरसी) के ऑफिस ने सोमवार को मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए झूठे, गुमराह करने वाले और अंदाजे वाले साइक्लोन के अनुमानों और चेतावनियों को फैलाने के खिलाफ एक एडवाइजरी जारी की।

एसआरसी ने कहा, "यह देखा गया है कि खुद को मौसम एक्सपर्ट बताने वाले लोग बिना किसी साइंटिफिक वेरिफिकेशन या इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) द्वारा जारी ऑफिशियल अनुमानों के, अंदाजे से साइक्लोन ट्रैक, लैंडफॉल की जगहें, टाइमलाइन और असर के अनुमान फैला रहे हैं।"

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