देश भर में 57.78 करोड़ जन धन खाते खोले गए हैं, जिनमें 55.8 प्रतिशत महिलाओं के हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

देश भर में 57.78 करोड़ जन धन खाते खोले गए हैं, जिनमें 55.8 प्रतिशत महिलाओं के हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत 25 फरवरी 2026 तक देश में कुल 57.78 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में कुल जमा राशि लगभग 2,94,702 करोड़ रुपए है।

नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत 25 फरवरी 2026 तक देश में कुल 57.78 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में कुल जमा राशि लगभग 2,94,702 करोड़ रुपए है।

वित्त मंत्री ने बताया कि इनमें से 32.21 करोड़ यानी करीब 55.8 प्रतिशत जन धन खाते महिलाओं के नाम पर हैं। वहीं करीब 45.17 करोड़ खाते (78.2 प्रतिशत) ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं, जिससे वित्तीय सेवाओं की पहुंच गांवों तक बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के तहत 25 फरवरी तक कुल 26.88 करोड़ लोगों ने नामांकन कराया है। इस योजना के तहत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए का जीवन बीमा कवर मिलता है।

वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के तहत 57.11 करोड़ नामांकन किए जा चुके हैं (25 फरवरी 2026 तक)। इस योजना के तहत एक साल के लिए दुर्घटना बीमा कवर मिलता है, जिसमें मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपए और आंशिक स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपए की सहायता मिलती है।

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत भी 25 फरवरी 2026 तक कुल 8.84 करोड़ लोगों ने नामांकन कराया है, जिसके जरिए पात्र लोगों को हर महीने पेंशन देने की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत 57.26 करोड़ लोन मंजूर किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 39.48 लाख करोड़ रुपए है। इस योजना के जरिए छोटे और सूक्ष्म कारोबारों को बिना गारंटी के 20 लाख रुपए तक का कर्ज दिया जाता है, ताकि वे विनिर्माण, व्यापार, सेवा क्षेत्र और कृषि से जुड़े कामों में आय बढ़ा सकें।

स्टैंड-अप इंडिया योजना (एसयूपीआई) के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को 2.75 लाख लोन दिए गए हैं, जिनकी कुल राशि 62,790 करोड़ रुपए है (31 मार्च 2025 तक)। इन ऋणों के जरिए मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सर्विस और कृषि से जुड़े नए प्रोजेक्ट शुरू करने में मदद दी जाती है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए जेएएम प्लेटफॉर्म (जन धन-आधार-मोबाइल) बनाया गया है, जिसके जरिए जन धन खाते को आधार और मोबाइल नंबर से जोड़ा जाता है।

इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई मंत्रालय और विभाग विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सीधे लोगों के खातों में पहुंचाने के लिए करते हैं, जिसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) कहा जाता है।

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Created On :   16 March 2026 6:35 PM IST

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