अदाणी यूनिवर्सिटी और आईआईटी मंडी ने 5 साल के समझौते पर किए हस्ताक्षर, अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

अदाणी यूनिवर्सिटी और आईआईटी मंडी ने 5 साल के समझौते पर किए हस्ताक्षर, अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
अदाणी यूनिवर्सिटी ने बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के साथ 5 साल के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है।

अहमदाबाद, 18 मार्च (आईएएनएस)। अदाणी यूनिवर्सिटी ने बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के साथ 5 साल के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है।

इस साझेदारी के तहत, दोनों संस्थान मिलकर संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे, साथ ही अकादमिक पेपर लिखेंगे और छात्रों व शिक्षकों के लिए एक्सचेंज प्रोग्राम भी चलाएंगे।

समझौते में इंटर्नशिप, रिसर्च फंडिंग और सेमिनार व कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस समझौते के तहत संयुक्त रिसर्च, साथ मिलकर प्रकाशित होने वाले शोध पत्र, अकादमिक आदान-प्रदान और इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

इस पहल के तहत दोनों संस्थान मिलकर शॉर्ट-टर्म कोर्स भी शुरू करेंगे, जिनमें एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, समर स्कूल और डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल शामिल होंगे।

इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को बेहतर संसाधन, साझा ज्ञान और ज्यादा सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा, दोनों संस्थान मिलकर रिसर्च फंडिंग के नए अवसर तलाशेंगे, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस आयोजित करेंगे और नए शैक्षणिक प्रोग्राम तैयार करेंगे।

यह 5 साल की साझेदारी रिसर्च क्षमताओं को मजबूत करने और इनोवेशन आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

बयान के अनुसार, इससे छात्रों और शिक्षकों को बेहतर संसाधनों, साझा अनुभवों और अलग-अलग संस्थानों के साथ सीखने का मौका मिलेगा।

अदाणी यूनिवर्सिटी के लिए यह साझेदारी उसके रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बयान में कहा गया है कि यह समझौता इंडस्ट्री से जुड़े ज्ञान को अकादमिक अनुसंधान के साथ जोड़ने और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

बयान में आगे कहा गया है, "यह कदम हायर एजुकेशन में बढ़ते उस ट्रेंड को भी दर्शाता है, जहां संस्थान जटिल समस्याओं का समाधान खोजने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और साझा ज्ञान के जरिए बेहतर शिक्षा मॉडल तैयार कर रहे हैं।"

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   18 March 2026 8:29 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story