कांगो में इबोला प्रकोप के बीच अमेरिकी हेल्थ वर्कर संक्रमित, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

कांगो में इबोला प्रकोप के बीच अमेरिकी हेल्थ वर्कर संक्रमित, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
अमेरिका के एक मानवीय सहायता कर्मी के इबोला से संक्रमित होने की पुष्टि के बाद, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में चल रहे बुंडिबुग्यो इबोला प्रकोप से निपटने में लगे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। यह जानकारी अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने दी।

अदीस अबाबा, 12 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के एक मानवीय सहायता कर्मी के इबोला से संक्रमित होने की पुष्टि के बाद, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में चल रहे बुंडिबुग्यो इबोला प्रकोप से निपटने में लगे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। यह जानकारी अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने दी।

अफ्रीका सीडीसी ने एक बयान में कहा कि डॉक्टर, नर्स, मानवीय सहायता कर्मी, स्वयंसेवक और दूसरे फील्ड स्टाफ बेहद मुश्किल हालात में लगातार काम कर रहे हैं। वे संक्रमित लोगों की पहचान कर रहे हैं, मरीजों का इलाज कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

संस्था ने बताया कि अमेरिकी सहायता कर्मी के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। इसके तहत यह पता लगाया जा रहा है कि वह किन लोगों के संपर्क में आया था और उसे संक्रमण कैसे हुआ। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उसे वायरस कहां और कैसे लगा। यह सहायता कर्मी डीआरसी के पूर्वी हिस्से के इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में काम कर रहा था, जो इस समय इबोला प्रकोप का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।

अफ्रीकी संघ की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, डीआरसी में अब तक 112 स्वास्थ्यकर्मी बुंडिबुग्यो इबोला वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि इनमें से 35 लोगों की मौत हो चुकी है।

अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक जीन कासेया ने कहा, "जो लोग इस बीमारी से लड़ रहे हैं, उनके लिए अच्छी गुणवत्ता वाले सुरक्षा उपकरण, संक्रमण रोकने की मजबूत व्यवस्था, लगातार प्रशिक्षण, मानसिक सहयोग और सुरक्षित कामकाजी माहौल बेहद जरूरी हैं।"

एजेंसी ने प्रभावित इलाकों में काम कर रही सभी संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के इंतजाम और मजबूत करें, संक्रमण के शक या किसी भी तरह के लक्षण सामने आने पर तुरंत जानकारी दें और अपने स्टाफ को हर जरूरी मदद उपलब्ध कराएं।

पिछले महीने फ्रांस में भी बुंडिबुग्यो इबोला का एक आयातित मामला सामने आया था। यह संक्रमण एक स्वास्थ्यकर्मी में पाया गया था, जिसने डीआरसी में इबोला नियंत्रण अभियान में काम किया था।

इस बीच, अफ्रीका सीडीसी के प्रमुख जीन कासेया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस अगले हफ्ते पूर्वी डीआरसी में इबोला प्रकोप के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके का दौरा करेंगे। इस संयुक्त यात्रा का मकसद प्रकोप पर काबू पाने के प्रयासों को और तेज करना है।

जीन कासेया ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में बताया क‍ि यह फैसला जिनेवा, स्विट्जरलैंड में दोनों संगठनों के प्रमुखों की बैठक के बाद लिया गया। बैठक में डीआरसी और युगांडा में जारी बुंडिबुग्यो इबोला वायरस के प्रकोप और जमीन पर तुरंत उठाए जाने वाले जरूरी कदमों पर चर्चा हुई।

कासेया ने कहा, "हमने 18 और 19 जुलाई को साथ मिलकर बुनिया जाने का फैसला किया है। वहां हम राष्ट्रीय अधिकारियों, मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रभावित समुदायों और राहत कार्य में जुटे साझेदारों से मुलाकात करेंगे।"

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Created On :   12 July 2026 11:33 PM IST

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