अल-फलाह ट्रस्ट मामला दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा

अल-फलाह ट्रस्ट मामला दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अल-फलाह ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। सिद्दीकी ने अपनी पत्नी के स्टेज चार कैंसर के इलाज का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर अस्थायी रिहाई की मांग की है।

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अल-फलाह ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। सिद्दीकी ने अपनी पत्नी के स्टेज चार कैंसर के इलाज का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर अस्थायी रिहाई की मांग की है।

जस्टिस सौरभ बनर्जी की सिंगल जज बेंच ने सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया।

सिद्दीकी की ओर से सीनियर एडवोकेट विक्रम चौधरी पेश हुए, जिन्हें एडवोकेट विश्वेंद्र तोमर, तालिब मुस्तफा और अभिषेक सिंह ने जानकारी दी थी। उन्होंने अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा कि सिद्दीकी की पत्नी उस्मा अख्तर स्टेज-चार कैंसर से जूझ रही हैं और इस मुश्किल समय में उन्हें उनकी देखभाल और सहारे की जरूरत है।

सीनियर एडवोकेट जोहेब हुसैन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का पक्ष रखा। ये अंतरिम जमानत याचिकाएं ईडी द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग के दो अलग-अलग मामलों से जुड़ी हैं। सिद्दीकी द्वारा दायर नियमित जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में 29 और 30 जुलाई को सुनवाई होनी है।

पिछले सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट ने सिद्दीकी की दो अंतरिम जमानत याचिकाओं को जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच में ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। उनके वकील ने बताया था कि ईडी के मामलों में से एक में उनकी नियमित जमानत याचिका भी उसी जज के पास लंबित है।

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सिद्दीकी की उस याचिका पर ईडी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें उन्होंने अस्थायी रिहाई के अनुरोध को खारिज करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। संघीय एंटी मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी द्वारा अपनी स्टेटस रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने के बाद सुनवाई टाल दी गई थी।

सिद्दीकी ने अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा है कि उनकी पत्नी अख्तर का स्टेज-चार ओवेरियन कैंसर का इलाज चल रहा है और वह उनकी मुख्य देखभाल करने वाले हैं। छह सप्ताह की अंतरिम जमानत मांगते हुए उन्होंने कहा है कि इलाज के दौरान उन्हें अपनी पत्नी के साथ रहने की जरूरत है।

याचिका का विरोध करते हुए ईडी ने तर्क दिया है कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और अंतरिम जमानत देने का विरोध किया। इससे पहले, साकेत कोर्ट के एक एडिशनल सेशन जज ने सिद्दीकी की पत्नी के मेडिकल रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों की जांच करने के बाद उनकी अंतरिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

9 जून को पारित अपने आदेश में स्पेशल कोर्ट ने कहा कि हालांकि यह निर्विवाद है कि अख्तर स्टेज-चार कैंसर से पीड़ित हैं, लेकिन उसके सामने रखे गए मेडिकल रिकॉर्ड से ऐसी कोई तत्काल जानलेवा स्थिति या आपातकालीन स्थिति का पता नहीं चलता जिसके लिए अंतरिम जमानत की जरूरत हो।

ट्रायल कोर्ट ने कहा कि मेडिकल दस्तावेजों में उनकी बीमारी को 'स्थिर' बताया गया है और "इलाज का अच्छा असर" होने की बात कही गई है। स्पेशल कोर्ट ने अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि सिद्दीकी यह साबित नहीं कर पाए कि उनकी पत्नी लाइलाज बीमारी से जूझ रही थीं, अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां खुद नहीं कर सकती थीं या उनकी देखभाल के लिए कोई दूसरा व्यक्ति उपलब्ध नहीं था।

ईडी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर पर आधारित है। इन एफआईआर में अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़ी संस्थाओं के कामकाज में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।

ईडी का आरोप है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने एनएएसी की एक्सपायर हो चुकी मान्यता को वैध बताया और ऐसी यूजीसी मान्यता का दावा किया जो असल में थी ही नहीं। साथ ही, यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज पर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से मंजूरी पाने के लिए गड़बड़ी करने का भी आरोप है।

केंद्रीय वित्तीय एजेंसी का दावा है कि जांच में पता चला है कि 2016-17 और 2024-25 के बीच 493.24 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (अपराध से प्राप्त धन) हुई थी। आरोप है कि इस पैसे को सिद्दीकी और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी संस्थाओं के जरिए दूसरी जगहों पर भेजा गया।

इस साल की शुरुआत में जांच के हिस्से के तौर पर ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और सिद्दीकी की 39.45 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी की 144 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत वाली जमीन और इमारतें भी जब्त की गई थीं।

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Created On :   13 July 2026 9:06 PM IST

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