आंध्र प्रदेश में लोकल बॉडी चुनाव टलने की खबरों का चुनाव आयोग ने किया खंडन

आंध्र प्रदेश में लोकल बॉडी चुनाव टलने की खबरों का चुनाव आयोग ने किया खंडन
आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित करने में अभी दो महीने और लगेंगे।

विजयवाड़ा, 29 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित करने में अभी दो महीने और लगेंगे।

राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर झूठी और अपुष्ट जानकारी फैलाई जा रही है कि चुनाव की तारीखों के ऐलान में अभी दो महीने का समय लगेगा।

उन्होंने बताया कि इस झूठी खबर में यह भी दावा किया जा रहा है कि आयोग वोटर लिस्ट और आरक्षण से जुड़े कोर्ट केस में क्लीयरेंस मिलने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगा। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि भले ही चुनाव में देरी हो, लेकिन चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

चुनाव आयुक्त ने साफ किया कि यह जानकारी पूरी तरह से झूठी है और न तो यह सही है और न ही आयोग की तरफ से जारी की गई है। इसलिए जनता, राजनीतिक दलों और सभी हितधारकों को ऐसी बिना वेरीफाई की गई जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए और न ही इसे आगे फॉरवर्ड करना चाहिए।

आयोग ने चेतावनी दी है कि आयोग के नाम पर फर्जी, भ्रामक या अनाधिकृत जानकारी फैलाने पर कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है।

चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम से जुड़ी कोई भी घोषणा आयोग की तरफ से आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस या प्रेस रिलीज के जरिए ही की जाएगी। इसलिए सभी से अपील है कि केवल आयोग की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। व्हाट्सएप, सोशल मीडिया या किसी भी अन्य अनौपचारिक माध्यम से मिली जानकारी पर भरोसा करने या उसे आगे भेजने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत सूचना से उसकी पुष्टि जरूर कर लें।

इससे पहले इस महीने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर पालिकाओं और नगर निगमों में वार्डों और डिवीजनों के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह को खारिज कर दिया था। इससे स्थानीय निकाय चुनाव कराने में आ रही बड़ी कानूनी अड़चन दूर हो गई थी।

कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने वार्ड पुनर्गठन की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है। राज्य चुनाव आयोग भी ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव कराने की तैयारी में लगा हुआ है।

मौजूदा मंडल प्रजा परिषदों का पांच साल का कार्यकाल 23 सितंबर को खत्म हो गया था, जबकि जिला प्रजा परिषदों का कार्यकाल 24 सितंबर को समाप्त हो गया था।

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Created On :   29 Sept 2026 3:06 PM IST

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