आंध्र प्रदेश में सरकारी विभागों दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' की संभावना का आकलन किया जाएगा

आंध्र प्रदेश में सरकारी विभागों दो दिन वर्क फ्रॉम होम की संभावना का आकलन किया जाएगा
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर आंध्र प्रदेश सरकार सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की संभावना का आकलन करेगी। यह आकलन खर्च में कटौती के उपायों के तहत किया जा रहा है।

अमरावती, 14 मई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर आंध्र प्रदेश सरकार सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की संभावना का आकलन करेगी। यह आकलन खर्च में कटौती के उपायों के तहत किया जा रहा है।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सरकारी विभागों के कुछ विभागों में सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की संभावना का आकलन करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर और प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के जवाब में इन खर्च में कटौती के उपायों के संबंध में विशिष्ट निर्देश दिए।

सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री कोलुसु पार्थसारथी ने मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि 'मेरा देश, मेरी जिम्मेदारी' पहल के तहत, जन प्रतिनिधि और अधिकारी स्वेच्छा से अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करेंगे, बैठकें ऑनलाइन आयोजित करेंगे और हर सप्ताह 'नो व्हीकल फ्राइडे' मनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने जनता से इस पहल में भाग लेने और स्वेच्छा से मितव्ययिता के उपाय अपनाने की अपील की।

कैबिनेट की बैठक में यह निष्कर्ष निकाला गया कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए ईंधन की खपत कम करना, विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षण करना, किसानों द्वारा उगाए गए कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना और तेल, गैस और यूरिया जैसे आयात को कम करना लाभकारी सिद्ध होगा।

यह भी ध्यान में रखा गया कि चल रहे संघर्ष से केले, अनाज और विभिन्न कृषि एवं बागवानी फसलों जैसी वस्तुओं के निर्यात पर संभावित रूप से प्रभाव पड़ सकता है।

इसलिए, मंत्री ने कहा कि जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से आग्रह किया गया कि वे स्वयं मितव्ययिता के उपायों का सख्ती से पालन करके जनता के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करें।

राज्य के प्रत्येक सरकारी विभाग में विभिन्न उपायों को लागू करने की योजना बनाई गई, जैसे कि सरकारी वाहनों के लिए ईंधन खपत सीमा को न्यूनतम रखना और सरकार द्वारा नए वाहन खरीदते समय केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद अनिवार्य करना।

जनता को जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

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Created On :   14 May 2026 11:24 PM IST

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