असम विधानसभा सचिवालय ने अखिल गोगोई के खिलाफ लंबित मामलों का ब्योरा मांगा

असम विधानसभा सचिवालय ने अखिल गोगोई के खिलाफ लंबित मामलों का ब्योरा मांगा
असम विधानसभा सचिवालय ने निर्दलीय विधायक और रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई के खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मामलों का विस्तृत ब्योरा राज्य के गृह विभाग से मांगा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह कदम उनके खिलाफ दर्ज मामलों के खुलासे को लेकर उठे विवाद के बाद उठाया गया है।

गुवाहाटी, 10 जुलाई (आईएएनएस)। असम विधानसभा सचिवालय ने निर्दलीय विधायक और रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई के खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मामलों का विस्तृत ब्योरा राज्य के गृह विभाग से मांगा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह कदम उनके खिलाफ दर्ज मामलों के खुलासे को लेकर उठे विवाद के बाद उठाया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अखिल गोगोई के खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी मांगी है।

गृह विभाग को 13 जुलाई तक यह विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जानकारी प्राप्त होने के बाद इसे आगे की कार्रवाई और विचार के लिए असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

यह घटनाक्रम विधानसभा में एक दिन पहले अखिल गोगोई और संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका के बीच आपराधिक मामलों और चुनावी दस्तावेजों में उनके खुलासे को लेकर हुई तीखी बहस के बाद सामने आया है।

चर्चा के दौरान हजारिका ने आरोप लगाया कि अखिल गोगोई ने चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल अपने चुनावी शपथपत्र में अपने खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों का उल्लेख नहीं किया और इस प्रकार गलत जानकारी दी।

मंत्री के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड में गोगोई के खिलाफ कुल 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि रायजोर दल के नेता ने चुनाव के दौरान दाखिल शपथपत्र में केवल 21 मामलों का ही उल्लेख किया था।

इस मुद्दे पर विधानसभा में दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और दोनों ने एक-दूसरे पर सदन तथा जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

विधानसभा सचिवालय के इस ताजा कदम को मामले में आगे कोई प्रक्रियागत कार्रवाई करने से पहले गृह विभाग से प्रमाणित रिकॉर्ड प्राप्त करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

अब तक न तो अखिल गोगोई और न ही गृह विभाग ने सचिवालय के इस पत्र पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।

स्पीकर को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस मुद्दे पर विधानसभा में आगे और बहस होने की संभावना है। मामले में कोई भी फैसला गृह विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक रिकॉर्ड और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए आपराधिक मामलों के खुलासे से संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर लिया जाएगा।

इस विवाद ने असम विधानसभा के चल रहे बजट सत्र को एक नया राजनीतिक आयाम दे दिया है। पिछले कुछ दिनों से सदन में कई विवादास्पद मुद्दों पर लगातार बहस होती रही है।

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Created On :   10 July 2026 12:32 PM IST

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