असम भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से कांग्रेस विधायक के वाहन को रोकने के बाद तनाव

असम भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से कांग्रेस विधायक के वाहन को रोकने के बाद तनाव
असम के मोरीगांव जिले में मंगलवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के एक समूह ने गारोइमारी में कांग्रेस विधायक आसिफ नजर के वाहन को रोककर उनके खिलाफ नारे लगाए।

गुवाहाटी, 22 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मोरीगांव जिले में मंगलवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के एक समूह ने गारोइमारी में कांग्रेस विधायक आसिफ नजर के वाहन को रोककर उनके खिलाफ नारे लगाए।

खबरों के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं ने आसिफ नजर की गाड़ी को रोक लिया और "आसिफ नजर वापस जाओ" के नारे लगाए, जिसके बाद दोनों राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई।

खबरों के मुताबिक, दोनों पक्षों के पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मौके पर ही झड़प होने से स्थिति कुछ समय के लिए और भी बिगड़ गई।

घटना की सूचना मिलने पर मोरीगांव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निशांत सौरभ मौके पर पहुंचकर कांग्रेस विधायक को उस क्षेत्र से बाहर निकालने में मदद की। बाद में स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

इलाके में स्थिति को और बिगड़ने से रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था।

यह झड़प आगामी नागांव लोकसभा उपचुनाव के सिलसिले में समागुरी में कांग्रेस के प्रचार के दौरान हुई हिंसा की एक अलग घटना के एक दिन बाद हुई है।

वहीं, सोमवार को, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य पार्टी नेताओं को ले जा रहे कांग्रेस के प्रचार काफिले पर कथित तौर पर उस समय पथराव किया गया जब वह समागुरी में एक चुनावी सभा में जा रहा था।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस घटना के लिए भाजपा समर्थक जिम्मेदार थे और इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनके अनुसार समागुरी की घटना कांग्रेस के भीतर प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच टकराव थी। मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस के राज्य नेतृत्व को सलाह दी कि वे इस घटना के लिए राजनीतिक विरोधियों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पार्टी के भीतर के आंतरिक मतभेदों को दूर करें।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों को सड़कों पर उतरने या शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

मोरीगांव में हुई ताजा झड़प ने असम में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है, ऐसे समय में जब 6 अक्टूबर को होने वाले नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रचार और तैयारियां तेज हो गई हैं।

कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए सिबामोनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है और पार्टी के वरिष्ठ नेता लोकसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं। राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारी सतर्कता बनाए हुए हैं ताकि प्रतिद्वंद्वी दलों के समर्थकों के बीच और अधिक झड़पों को रोका जा सके। मंगलवार को हुई झड़प के संबंध में किसी भी चोट, गिरफ्तारी या दर्ज किए गए मामलों के बारे में आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।

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Created On :   23 Sept 2026 12:14 AM IST

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