असम को मिलेगा चौथा कृषि कॉलेज, बराक घाटी में 84.6 एकड़ जमीन आवंटित

असम को मिलेगा चौथा कृषि कॉलेज, बराक घाटी में 84.6 एकड़ जमीन आवंटित
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि असम को अपना चौथा कृषि कॉलेज मिलने जा रहा है। राज्य कैबिनेट ने बराक घाटी में इस तरह का पहला संस्थान स्थापित करने के लिए पत्थरकांडी में 84.6 एकड़ जमीन आवंटित करने को मंजूरी दे दी है।

गुवाहाटी, 30 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि असम को अपना चौथा कृषि कॉलेज मिलने जा रहा है। राज्य कैबिनेट ने बराक घाटी में इस तरह का पहला संस्थान स्थापित करने के लिए पत्थरकांडी में 84.6 एकड़ जमीन आवंटित करने को मंजूरी दे दी है।

सीएम सरमा ने एक्स पोस्ट में कहा कि कैबिनेट के इस फैसले से इलाके के युवाओं के लिए खेती-बाड़ी से जुड़ी पढ़ाई, रिसर्च और इनोवेशन के नए मौके खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, "असम को अपना चौथा और बराक घाटी को अपना पहला एग्रीकल्चर कॉलेज मिलने जा रहा है। प्रस्तावित कॉलेज के लिए पत्थरकांडी में 84.6 एकड़ जमीन अलॉट की गई है।"

इस कदम से दक्षिणी असम में खेती-बाड़ी से जुड़ी खास पढ़ाई तक पहुंच बढ़ने और इलाके की खेती की जरूरतों के हिसाब से रिसर्च और इनोवेशन के लिए एक संस्थागत आधार तैयार होने की उम्मीद है। प्रस्तावित कॉलेज श्रीभूमि जिले के पत्थरकांडी में होगा, जो एक ऐसा इलाका है, जहां खेती-बाड़ी स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है।

इस संस्थान से बराक घाटी और आस-पास के इलाकों के छात्रों को खेती-बाड़ी में उच्च शिक्षा के ज्यादा मौके मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने पहले पत्थरकांडी में एग्रीकल्चर कॉलेज बनाने के लिए प्रतापगढ़ में जमीन के एक बड़े हिस्से के ट्रांसफर को मंजूरी दी थी। कैबिनेट के पिछले फैसले की रिपोर्ट के मुताबिक, अलॉट की गई जमीन लगभग 256-257 बीघा थी।

इस कॉलेज की स्थापना असम सरकार की कृषि शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है।

राज्य के कृषि विभाग के कामों में किसानों के लिए कृषि प्रशिक्षण, मशीनीकरण, सिंचाई, फसल बीमा, मार्केटिंग और दूसरी सहायता सेवाएं शामिल हैं।

यह नया संस्थान बराक घाटी के लिए जरूरी फसलों, खेती के तरीकों और कृषि तकनीकों पर रिसर्च के लिए एक मंच भी दे सकता है, साथ ही छात्रों के लिए कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में करियर बनाने के अवसर भी प्रदान कर सकता है।

कैबिनेट से जमीन आवंटन को मंजूरी मिलने के बाद यह प्रोजेक्ट लागू होने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गया है। कॉलेज के एकेडमिक स्ट्रक्चर, कोर्स, निर्माण की समय-सीमा और प्रवेश प्रक्रिया के बारे में और जानकारी राज्य सरकार द्वारा घोषित किए जाने की उम्मीद है।

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Created On :   30 Sept 2026 2:47 PM IST

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