असम में अब कोचिंग सेंटरों के लिए नए नियम, रजिस्ट्रेशन और काउंसलर रखना होगा अनिवार्य

असम में अब कोचिंग सेंटरों के लिए नए नियम, रजिस्ट्रेशन और काउंसलर रखना होगा अनिवार्य
असम सरकार जल्द ही राज्य के निजी कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर के बेहतर मानक और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसकी जानकारी दी।

गुवाहाटी, 19 अगस्त (आईएएनएस)। असम सरकार जल्द ही राज्य के निजी कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर के बेहतर मानक और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसकी जानकारी दी।

मंगलवार को कैबिनेट ने 'असम प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स (कंट्रोल एंड स्टूडेंट मेंटल हेल्थ सेफगार्ड) नियम, 2026' को मंजूरी दे दी। नए नियमों के तहत ज्यादा संख्या में छात्रों वाले कोचिंग सेंटरों को अब औपचारिक रजिस्ट्रेशन और तय नियमों का पालन करना होगा।

नए नियमों के अनुसार, जिन निजी कोचिंग संस्थानों में 50 या उससे ज्यादा छात्र पढ़ते हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संबंधित जिले के जिला आयुक्त को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया लागू करने और उसकी निगरानी करने वाला सक्षम अधिकारी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रजिस्टर्ड कोचिंग संस्थानों को हर साल अपना रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराना होगा। सालाना अनुपालन के हिस्से के रूप में संस्थानों को इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा। इससे यह साबित होगा कि उनका परिसर तय सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।

इस नए ढांचे में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। बढ़ते शैक्षणिक दबाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच यह मुद्दा अब चिंता का विषय बन गया है।

नियमों के मुताबिक, कोचिंग संस्थानों को तय छात्र मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों का पालन करना होगा। साथ ही उन्हें नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को भी पूरा करना होगा। जहां लागू होता हो, वहां एआईसीटीई और यूजीसी द्वारा तय मानदंडों का भी पालन करना अनिवार्य होगा।

नियमों का एक अहम प्रावधान यह भी है कि कोचिंग संस्थानों को यह साबित करना होगा कि उन्होंने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक योग्य काउंसलर की नियुक्ति की है।

सरकार इस नियामक तंत्र के जरिए राज्य भर में चल रहे निजी कोचिंग सेंटरों में ज्यादा जवाबदेही और एकरूपता लाना चाहती है। नए नियमों का मकसद कोचिंग संस्थानों के लिए न्यूनतम मानक तय करना है, ताकि छात्रों को एक सुरक्षित और सहायक माहौल मिल सके।

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमाणन, हर साल रजिस्ट्रेशन रिन्यू और योग्य काउंसलर की उपलब्धता पर जोर देकर सरकार छात्रों की शारीरिक सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य दोनों समस्याओं का समाधान करना चाहती है।

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Created On :   19 Aug 2026 12:20 PM IST

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