पश्चिम बंगाल के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खुलेंगे जनऔषधि केंद्र, सस्ती दवाएं मिलेंगी

पश्चिम बंगाल के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खुलेंगे जनऔषधि केंद्र, सस्ती दवाएं मिलेंगी
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (पीएमबीजेके) स्थापित करेगी। इसका उद्देश्य मरीजों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है।

कोलकाता, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार राज्य के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (पीएमबीजेके) स्थापित करेगी। इसका उद्देश्य मरीजों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है।

राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सूत्रों के अनुसार, पीपीपी मॉडल अपनाने का फैसला केंद्रों के बेहतर संचालन और रखरखाव को सुनिश्चित करने के साथ-साथ मरीजों को सस्ती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया गया है।

विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन जनऔषधि केंद्रों की स्थापना और संचालन के अलावा उनका उचित रखरखाव भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसी वजह से पीपीपी मॉडल को चुना गया है। केंद्रों की स्थापना और संचालन के लिए निजी संस्थाओं के चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि निविदा प्रक्रिया को जल्द पूरा करने और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली निजी संस्थाओं का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इन केंद्रों को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।

पहले चरण में राज्य भर के 16 मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। इनमें से 11 केंद्र कोलकाता में स्थापित किए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शेष पांच केंद्र नदिया, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर और हावड़ा जिलों के एक-एक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में खोले जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, देश के कई अन्य राज्य पहले ही प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र योजना को अपना चुके हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इस योजना को लागू करने की कोई पहल नहीं की थी।

नबान्ना (राज्य सचिवालय) के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को राज्य में लागू करने की प्रक्रिया तेज हुई है।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जनऔषधि केंद्र स्थापित करने का फैसला भी इसी व्यापक पहल का हिस्सा माना जा रहा है।

इन केंद्रों के शुरू होने के बाद मरीजों को कम कीमत पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उनके इलाज का खर्च कम होने की उम्मीद है।

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Created On :   14 Oct 2026 4:44 PM IST

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