बिहार में बारिश, आंधी और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 19 जिलों में येलो अलर्ट

बिहार में बारिश, आंधी और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 19 जिलों में येलो अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी शुरू हो गई है। जिसका असर बिहार पर पड़ा है। लगातार बारिश और मौसम की कई प्रणालियों से राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग की ओर से कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

पटना, 25 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी शुरू हो गई है। जिसका असर बिहार पर पड़ा है। लगातार बारिश और मौसम की कई प्रणालियों से राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग की ओर से कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

प्रमुख नदियों में जलस्तर बढ़ने से निचले और नदी के किनारे बसे इलाकों, खासकर कोसी बेसिन के पास की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। मौसम विभाग की ओर से बिहार के 19 जिलों में बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की आशंका है। पिछले 24 घंटों में राज्य की राजधानी पटना समेत करीब 11 जिलों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई है।

बारिश होने से तापमान में तत्काल बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, बारिश कम होने के बाद तापमान में करीब 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम में बदलाव के कारण पटना में यातायात भी प्रभावित हुआ। पांडारक पुलिस स्टेशन के अंतर्गत दरगाही टोला के पास एनएच-31 पर इमली का एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए बाधित हुई।

खराब मौसम के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में जान-माल का नुकसान भी हुआ है। समस्तीपुर में गुरुवार को तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने से दो छात्राओं की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। बांका में बुधवार रात भारी बारिश और नमी के कारण एक जर्जर दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे आंधी-तूफान और तेज हवाओं के दौरान घर के अंदर ही रहें।

नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के बाद कोसी नदी का जलस्तर काफी बढ़ने की आशंका है। जल संसाधन विभाग ने कोसी बेसिन से जुड़े इंजीनियरों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है। कोसी बैराज से भी भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ ब्लॉक की करीब 35 पंचायतों को विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया है।

अधिकारियों ने तटबंधों के अंदर रहने वाले लोगों और स्थानीय नाव चलाने वालों को निर्देश दिया है कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो वे सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी आधिकारिक सलाह का पालन करने की सलाह दी है।

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Created On :   25 Sept 2026 1:54 PM IST

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