'2028 में कर्नाटक में भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य', कांग्रेस पर जमकर बरसे हरीश द्विवेदी

2028 में कर्नाटक में भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य, कांग्रेस पर जमकर बरसे हरीश द्विवेदी
कर्नाटक भाजपा प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि भाजपा 2028 में राज्य में एक बार फिर सरकार बनाने के संकल्प और लक्ष्य के साथ मिलकर काम करेगी।

बेंगलुरु, 3 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि भाजपा 2028 में राज्य में एक बार फिर सरकार बनाने के संकल्प और लक्ष्य के साथ मिलकर काम करेगी।

द्विवेदी ने कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में उसने भ्रष्टाचार में लिप्त होने के अलावा आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी की है।

उन्होंने दावा किया कि जनता इस बात से अवगत है कि कांग्रेस के नेता, विधायक, सांसद और मंत्री राज्य को लूट रहे हैं।

उन्होंने दूध और दही की कीमतों में हाल ही में हुई वृद्धि की भी आलोचना करते हुए कहा कि दूध की कीमत में लगभग 8 रुपए प्रति लीटर की भारी वृद्धि हुई है और दही की कीमत में भी वृद्धि हुई है।

द्विवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आम जनता के हितों की परवाह नहीं करती और केवल अपने नेताओं के कल्याण और गांधी परिवार के हितों की रक्षा पर ध्यान केंद्रित करती है। भाजपा आने वाले दिनों में जन कल्याण से जुड़े सभी मुद्दों को उठाएगी और जनता तक पहुंचेगी।

द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने सोमवार को राज्य अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के साथ पार्टी के पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठकों में हिस्सा लिया।

इन बैठकों को 'परिचयात्मक बैठकें' बताते हुए उन्होंने कहा कि इनमें पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को समझने और संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के कदमों पर चर्चा की गई।

द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्य बीएस येदियुरप्पा से मुलाकात की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा ने कर्नाटक में कई वर्षों तक सत्ताधारी और विपक्षी दोनों ही भूमिकाओं में प्रभावी ढंग से काम किया है। उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि आने वाले दिनों में सामूहिक प्रयासों के माध्यम से राज्य में कांग्रेस सरकार के कुशासन से जनता को कैसे मुक्त किया जाए।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित प्रश्न का उत्तर देते हुए द्विवेदी ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ही नहीं की जा रही है। पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक के समय में एसआईआर किया जाता रहा है।

इस प्रक्रिया के उद्देश्य को समझाते हुए उन्होंने कहा कि मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाते हैं, जबकि मतदाताओं के निवास स्थान में परिवर्तन और विभिन्न स्थानों पर दर्ज डुप्लीकेट प्रविष्टियों को ठीक किया जाता है। एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाना है।

द्विवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब भी चुनाव हारती है, आत्मनिरीक्षण करने के बजाय चुनाव आयोग, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और सर्वोच्च न्यायालय को दोषी ठहराती है। उन्होंने पार्टी पर संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान न करने का आरोप लगाया और कहा कि वह गांधी परिवार को सर्वोच्च मानती है।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने कांग्रेस के आचरण पर ध्यान दिया है और कर्नाटक विधानसभा की चारों सीटों पर भाजपा-एनडीए उम्मीदवारों की हालिया जीत का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं, शिक्षकों और स्नातकों के समर्थन से मिली भारी जीत ने एक स्पष्ट संदेश दिया है।

भाजपा-जेडी (एस) गठबंधन जारी रहने के सवाल पर द्विवेदी ने कहा कि गठबंधन फिलहाल कायम है और अच्छी प्रगति कर रहा है। हालांकि, गठबंधन पर निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा और उन्हें इस मामले पर कोई घोषणा करने का अधिकार नहीं है।

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