बीएलए ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस में हुए धमाके की ली जिम्मेदारी

बीएलए ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस में हुए धमाके की ली जिम्मेदारी
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रविवार को रेलवे ट्रैक पर जाफर एक्सप्रेस के एक शटल को निशाना बनाकर एक आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। स्थानीय मीडिया ने बताया कि बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है।

क्वेटा, 24 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रविवार को रेलवे ट्रैक पर जाफर एक्सप्रेस के एक शटल को निशाना बनाकर एक आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। स्थानीय मीडिया ने बताया कि बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है।

बीएलए के प्रवक्ता जयंद बलूच के एक बयान में कहा है कि बीएलए की फिदायीन यूनिट मजीद ब्रिगेड ने यह हमला किया। बलूचिस्तान पोस्ट ने बयान के हवाले से बताया कि हमले में ट्रेन से सफर कर रहे सेना के जवानों को निशाना बनाया गया।

ईद के मौके पर पाकिस्तानी सेना के जवानों को क्वेटा कैंट से क्वेटा रेलवे स्टेशन ले जा रही जाफर एक्सप्रेस से जुड़ी तीन बोगियों वाली एक शटल को इस हमले का निशाना बनाया गया।

पाकिस्तान के फेडरल रेलवे मिनिस्टर हनीफ अब्बासी के मुताबिक, धमाका चमन फाटक के पास हुआ, जब ट्रेन क्वेटा कैंट से रवाना होने के बाद अपने रूट पर थी। उन्होंने बताया कि इंजन समेत तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जबकि दो बोगियां पूरी तरह पलट गईं।

रिपोर्ट में कहा गया, "इस हमले में 27 लोग मारे गए और 131 घायल हुए। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ घायल लोगों की हालत गंभीर है।" बीएलए ने हमलावर की पहचान बताते हुए एक और बयान भी जारी किया।

बयान के मुताबिक, हमला 25 साल के बिलाल शाहवानी उर्फ ​​साइन ने किया था, जो मजीद ब्रिगेड की सुसाइड यूनिट का सदस्य और कमांडर था।

वह शाल इलाके के सरियाब इलाके का रहने वाला था। बयान में कहा गया कि वह 2020 में बलूच रेजिस्टेंस मूवमेंट फॉर इंडिपेंडेंस में शामिल हुआ था। बता दें, 'बलूच रेजिस्टेंस मूवमेंट फॉर इंडिपेंडेंस' पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान को एक संप्रभु राष्ट्र बनाने का एक लंबा और सशस्त्र संघर्ष है।

बीएलए के प्रवक्ता ने दावा किया कि क्वेटा कैंट से जाफर एक्सप्रेस में सफर कर रहे सेना के जवानों को निशाना बनाना संगठन की खुफिया शाखा ‘जराब’ की गहरी पहुंच और कमांडर बिलाल शाहवानी की ऑपरेशनल क्षमता का प्रमाण है।

प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला दिखाता है कि बलूच नेशनल रेजिस्टेंस अब पारंपरिक गुरिल्ला तरीके से आगे बढ़कर एक मॉडर्न मिलिट्री स्ट्रक्चर में बदल गया है। यहां संगठनात्मक कमांडर व्यक्तिगत मटेरियल रोल के बजाय सामूहिक राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राथमिकता देते हैं।

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Created On :   25 May 2026 12:11 AM IST

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