तेलंगाना में 27 लाख स्कूली बच्चों को नाश्ता उपलब्ध कराना विश्व की सबसे बड़ी पहल है उपमुख्यमंत्री

तेलंगाना में 27 लाख स्कूली बच्चों को नाश्ता उपलब्ध कराना विश्व की सबसे बड़ी पहल है उपमुख्यमंत्री
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने मंगलवार को कहा कि सरकारी स्कूलों में 27 लाख छात्रों के लिए नाश्ता योजना विश्व की सबसे बड़ी पहल है।

हैदराबाद, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने मंगलवार को कहा कि सरकारी स्कूलों में 27 लाख छात्रों के लिए नाश्ता योजना विश्व की सबसे बड़ी पहल है।

उन्होंने कहा कि 27 लाख छात्रों को प्रतिदिन नाश्ता उपलब्ध कराना एक ऐसी पहल है जो दुनिया में कहीं और मौजूद नहीं है और तेलंगाना इस तरह के अभिनव कार्यक्रम को लागू करने वाला पहला राज्य है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को दिया जा रहा पौष्टिक भोजन मुफ्त नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के मानव संसाधनों में निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बच्चे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी पढ़ाई करेंगे तभी वे राज्य के भविष्य के उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे और इस प्रकार सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) की वृद्धि में सहयोग कर सकेंगे।

विक्रमार्क और सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने सूर्यापेट जिले के कोडड विधानसभा क्षेत्र के मुनगला गांव में स्कूली छात्रों के लिए 9.6 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाली एक केंद्रीकृत सामुदायिक रसोई की आधारशिला रखी।

इस अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए विक्रमार्क ने कहा कि मुनगला में बनने वाली नई रसोई आधुनिक तकनीक और स्वच्छता सुविधाओं से सुसज्जित होगी ताकि एक ही रसोई से 1,020 स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 60,000 छात्रों को गर्म नाश्ता उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि राज्य भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सप्ताह में छह दिन नाश्ता दिया जा रहा है। तीन दिन दूध और बाकी तीन दिन रागी की दलिया परोसी जा रही है।

उन्होंने कहा कि घर में 100 लोगों के लिए भी खाना बनाना मुश्किल होता है, ऐसे में 27 करोड़ छात्रों को एक साथ नाश्ता उपलब्ध कराना एक ऐसी पहल है जो दुनिया में कहीं और नहीं है और यह तेलंगाना सरकार के मानवीय दृष्टिकोण का प्रतीक है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे तभी स्वस्थ मानव संसाधन बन सकते हैं जब उन्हें उनके प्रारंभिक वर्षों में पर्याप्त पोषण मिले। इसलिए, सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों को कम उम्र से ही गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और उन्हें जीवन में उच्च स्तर तक पहुंचने में मदद करने की जिम्मेदारी ली है।

वित्त मंत्री विक्रमार्क ने कहा कि सरकार द्वारा लागू किए जा रहे कल्याणकारी कार्यक्रमों को मुफ्त नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने गरीबों, किसानों, महिलाओं और छात्रों पर किए गए खर्च को एक निवेश बताया जिससे अंततः राज्य की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   7 Oct 2026 12:02 AM IST

Tags

Next Story