तमिलनाडु में जनगणना 2027 तांबरम कॉर्पोरेशन ने सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा शुरू की
चेन्नई, 18 जुलाई (आईएएनएस)। तांबरम सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (टीसीएमसी) ने भारत की जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू कर दिया है। इसके तहत ऑनलाइन खुद जानकारी भरने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया शुरू की गई है और घर-घर जाकर घरों की सूची बनाने (हाउस-लिस्टिंग) के बड़े सर्वे की तैयारी की जा रही है, जो 1 अगस्त से शुरू होगा।
निवासी 17 जुलाई से 31 जुलाई के बीच मोबाइल फोन, टैबलेट या कंप्यूटर का इस्तेमाल करके आधिकारिक जनगणना पोर्टल के जरिए खुद जानकारी भरने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऑनलाइन सुविधा से परिवार अपनी जानकारी पहले ही जमा कर सकते हैं, जिससे फील्ड वेरिफिकेशन में लगने वाला समय कम होगा और डेटा इकट्ठा करने की सटीकता बेहतर होगी।
तांबरम कॉर्पोरेशन के कमिश्नर और मुख्य जनगणना अधिकारी एस. बालाचंदर ने कहा कि जो भी परिवार ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करेगा, उसे एसएमएस या ईमेल के जरिए 11 अंकों की सेल्फ-एन्यूमरेशन (एसई) आईडी मिलेगी। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे इस खास पहचान नंबर को संभालकर रखें और जनगणना अधिकारियों के आने पर उन्हें दिखाएं।
कॉर्पोरेशन ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी इलाकों में जनगणना का पहला चरण पूरा करने के लिए 1,483 एन्यूमेरेटर (जानकारी इकट्ठा करने वाले) और 243 सुपरवाइजर तैनात किए हैं। फील्ड स्टाफ 1 अगस्त से 30 अगस्त तक घर-घर जाकर सर्वे करेगा और कॉर्पोरेशन की सीमा में आने वाली हर रिहायशी और कमर्शियल इमारत को कवर करेगा।
नगर निकाय ने व्यवस्थित और पूरी तरह से कवरेज सुनिश्चित करने के लिए 1,483 हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक बनाए हैं, जिनमें से हर एक में लगभग 150 से 200 परिवार शामिल हैं। सर्वे के दौरान, एन्यूमेरेटर सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के जरिए दी गई जानकारी की पुष्टि करेंगे और उन परिवारों से जानकारी इकट्ठा करेंगे जिन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं किया है।
अधिकारियों ने कहा कि हाउस-लिस्टिंग की प्रक्रिया भारत की जनगणना 2027 का एक जरूरी हिस्सा है, क्योंकि यह इमारतों और परिवारों का डाटाबेस बनाती है जिसका इस्तेमाल बाद में होने वाली जनसंख्या जनगणना के लिए किया जाएगा।
कमिश्नर बालाचंदर ने निवासियों से अपील की कि वे एन्यूमेरेटर को पूरा सहयोग दें और सही जानकारी दें। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत जानकारी देना, जनगणना अधिकारियों को उनके काम में बाधा डालना या सर्वे के दौरान इमारतों पर किए गए जनगणना के निशानों के साथ छेड़छाड़ करना जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध है।
निवासियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे घर की बुनियादी जानकारी तैयार रखें, ताकि जब अधिकारी उनके घर आएं तो वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके। भारत की 2027 की जनगणना का दूसरा चरण, जिसमें लोगों की गिनती शामिल है, देश भर में घरों की लिस्टिंग और आवास जनगणना का काम पूरा होने के बाद फरवरी 2027 में किया जाएगा।
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Created On :   18 July 2026 10:39 PM IST












