तमिलनाडु में रविवार से शुरू होगा राज्यव्यापी पल्स पोलियो अभियान, सीएम विजय करेंगे शुभारंभ
चेन्नई, 27 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय रविवार को राज्यव्यापी वार्षिक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखना और भारत के पोलियो-मुक्त दर्जे को बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री चेन्नई के पलावक्कम स्थित आदि द्रविड़ कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में अभियान की शुरुआत करेंगे, जहां पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
यह अभियान राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत पांच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को नि:शुल्क पोलियो की दवा पिलाई जाती है ताकि इस अत्यधिक संक्रामक बीमारी के खिलाफ उनकी प्रतिरक्षा बनी रहे।
इस वर्ष तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में 52.91 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए पूरे राज्य में 43,051 टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
ये केंद्र सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, टोल प्लाजा, चेक पोस्ट, हवाई अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों तथा अलग-थलग बसे गांवों में रहने वाले बच्चों तक पहुंचने के लिए विशेष मोबाइल चिकित्सा दल भी तैनात किए गए हैं। ये टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे पांच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को निकटतम टीकाकरण केंद्र पर लेकर आएं, भले ही उन्हें पहले नियमित टीकाकरण या पोलियो की खुराक मिल चुकी हो। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार दी जाने वाली पोलियो की खुराक बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने और बीमारी की दोबारा वापसी रोकने के लिए आवश्यक है।
अभियान के शुभारंभ से पहले ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के आयुक्त जी.एस. समीरन ने शनिवार को पलावक्कम स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बता दें कि भारत को वर्ष 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पोलियो-मुक्त घोषित किया था। इसके बावजूद पोलियो वायरस की संभावित वापसी या बाहरी संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए देशभर में हर वर्ष पल्स पोलियो अभियान चलाया जाता है।
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Created On :   27 Jun 2026 10:44 AM IST












