'फसलें बर्बाद हो गईं' कर्नाटक के सीएम शिवकुमार ने बागलकोट में सूखे का जायजा लिया

फसलें बर्बाद हो गईं कर्नाटक के सीएम शिवकुमार ने बागलकोट में सूखे का जायजा लिया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि बागलकोट जिले में जिन इलाकों का उन्होंने दौरा किया, उनमें से किसी में भी फसलें ठीक से नहीं उगी हैं। उन्होंने जिले के चार तालुकों में सूखे का जायजा लिया और किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरकार फसल खराब होने से प्रभावित किसानों को राहत देने के उपायों पर विचार करेगी।

बागलकोट (कर्नाटक), 4 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि बागलकोट जिले में जिन इलाकों का उन्होंने दौरा किया, उनमें से किसी में भी फसलें ठीक से नहीं उगी हैं। उन्होंने जिले के चार तालुकों में सूखे का जायजा लिया और किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरकार फसल खराब होने से प्रभावित किसानों को राहत देने के उपायों पर विचार करेगी।

शिरूर गांव में खेतों का निरीक्षण करने के बाद शिवकुमार ने कहा कि सूरजमुखी, मिर्च, कुलथी और अरहर की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा, "मैंने बागलकोट जिले के चार तालुकों का दौरा किया है और कहीं भी फसलें ठीक से नहीं उगी हैं। सूरजमुखी, मिर्च, कुलथी या अरहर की फसलें नहीं हैं। कुछ किसानों ने 20 से 30 एकड़ में खेती की है और उनका कहना है कि उनके पास फसल बीमा है। मैं अधिकारियों और विधायकों के साथ स्थिति पर चर्चा करूंगा और देखूंगा कि क्या राहत दी जा सकती है।"

उन्होंने कहा कि सरकार उन इलाकों में सूखे की स्थिति का आकलन कर रही है जहां अभी तक सूखा घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि फसल हरी-भरी दिख सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पैदावार होगी। सूरजमुखी सूख गई है और मिर्च की फसलें बीमारी से प्रभावित हुई हैं।

शिवकुमार ने केंद्र सरकार से किसानों की मदद करने और कर्ज माफी पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान घोषित कृषि ऋण माफी का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र को किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। यह भाजपा की जिम्मेदारी है। उसके नेताओं को केंद्र और प्रधानमंत्री पर किसानों का कर्ज माफ करने के लिए दबाव डालना चाहिए। मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने ऐसा किया था। उन्हें भी अब ऐसा करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने किसानों की बुवाई, खेती और ट्रैक्टर चलाने में होने वाले खर्च का अध्ययन किया है और वे और मदद देने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं।

फसल बीमा के पैसे मिलने में हो रही देरी पर शिवकुमार ने कहा कि पुराने क्लेम का पैसा अभी जारी नहीं हुआ है और वे इस समस्या को सुलझाने के लिए बैठकें कर रहे हैं।

बागलकोट में फसल बीमा योजना में 30 करोड़ रुपए की गड़बड़ी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि बीमा से जुड़ी गड़बड़ियों में एक बड़ा नेटवर्क शामिल है।

उन्होंने कहा कि यह पूरे राज्य में फैला नेटवर्क है। बीमा के मामले में एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। मैं इसकी रिपोर्ट मंगाऊंगा और बेंगलुरु में बैठक करूंगा।

सूखे की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि बागलकोट में बारिश में लगभग 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और जिले के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात हैं।

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Created On :   4 Sept 2026 10:32 PM IST

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