एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर कसा तंज, कहा- उनका हाल ‘तुम लड़ो, हम कपड़े संभालते हैं’ जैसा

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर कसा तंज, कहा- उनका हाल ‘तुम लड़ो, हम कपड़े संभालते हैं’ जैसा
महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए नामांकन दाखिल होने के बाद उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए नामांकन दाखिल होने के बाद उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के राजनीतिक रुख को लेकर तीखी टिप्पणी की।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान, 'अंतरात्मा की आवाज' के चलते कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारा, पर उपमुख्यमंत्री शिंदे ने तंज कसते हुए जवाब दिया।

उन्होंने कहा, ''जिन लोगों की आत्मा ही मर चुकी है, क्या उनके भीतर से कोई आवाज आ सकती है? मैं यह पहली बार सुन रहा हूं। 2019 में यह ‘अंतरात्मा की आवाज’ कहां थी?'' शिंदे ने यह टिप्पणी राज्य में पिछली सरकार के गठन के दौरान हुए राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए की।

उद्धव ठाकरे की नेतृत्व शैली पर निशाना साधते हुए एकनाथ शिंदे ने विपक्ष की रणनीति पर भी कटाक्ष किया।

उन्होंने कहा, ''जब लड़ने की बारी आती है तो ये लोग हमेशा किसी और को आगे कर देते हैं। इनका हाल ‘तुम लड़ो, हम कपड़े संभालते हैं’ जैसा है। यह उनका अंदरूनी मामला है, लेकिन इससे उनका तरीका साफ दिखता है।''

इससे पहले एकनाथ शिंदे ने नीलम गोरहे और बच्चू कडू के नामों का ऐलान किया।

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता बच्चू कडू को साथ लाना महायुति के लिए रणनीतिक कदम है।

उन्होंने बच्चू कडू के 25 साल के सामाजिक कार्यों की तारीफ करते हुए कहा, ''शिवसेना हमेशा गरीबों, शोषितों और दिव्यांगों के लिए आगे रही है। बच्चू भाऊ के साथ आने से पार्टी और उनके मिशन, दोनों को मजबूती मिलेगी।''

बच्चू कडू को उम्मीदवार बनाए जाने को विदर्भ क्षेत्र में शिवसेना की पकड़ मजबूत करने की बड़ी रणनीति माना जा रहा है। वहीं, नीलम गोरहे की उम्मीदवारी को लेकर पार्टी के भीतर कुछ नाराजगी की चर्चा थी, लेकिन उपमुख्यमंत्री शिंदे ने उनका खुलकर समर्थन किया और उनकी उम्मीदवारी तय कर दी।

नीलम गोरहे फिलहाल विधान परिषद की सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 13 मई को खत्म हो रहा है। वह अविभाजित शिवसेना की ओर से लगातार चौथी बार विधान परिषद पहुंची थीं। बाद में शिंदे की बगावत और महायुति में शामिल होने के बाद उन्होंने भी एकनाथ शिंदे का साथ दे दिया था।

अतिरिक्त उम्मीदवार नहीं उतारकर शिवसेना-भाजपा-एनसीपी (महायुति) गठबंधन ने नौ सीटों का चुनाव निर्विरोध कराने का रास्ता साफ कर दिया है।

शिंदे ने कहा, ''सभी ने समझदारी का परिचय दिया है। मैं सभी दलों का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने यह चुनाव सौहार्दपूर्ण माहौल में होने दिया।''

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Created On :   30 April 2026 11:17 PM IST

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