डीएमके ने संगठनात्मक पुनर्गठन में युवाओं और महिलाओं को शामिल करने की योजना बनाई
चेन्नई, 15 अगस्त (आईएएनएस)। चेन्नई, 15 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु में सत्ता गंवाने के बाद डीएमके संगठन को मजबूती देने के लिए पार्टी के प्रभावशाली पदों पर महिलाओं और युवा पदाधिकारियों को शामिल करने की तैयारी कर रही है, जिसमें जिला सचिव का शक्तिशाली पद भी शामिल है।
प्रस्तावित बदलाव को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और टीवीके का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिनकी चुनावी जीत का श्रेय व्यापक रूप से युवा मतदाताओं के मजबूत समर्थन को दिया गया था।
डीएमके नेताओं का मानना है कि संगठनात्मक ढांचे में युवा चेहरों को शामिल करने से पार्टी को मतदाताओं के इस महत्वपूर्ण वर्ग से फिर से जुड़ने में मदद मिल सकती है।
पुनर्गठन प्रक्रिया के दौरान महिला पदाधिकारियों को भी अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है। डीएमके में वर्तमान में 78 संगठनात्मक जिला सचिव हैं, लेकिन पूर्व मंत्री पी. गीता जीवन, जो पार्टी की थूथुकुडी जिला इकाई की प्रमुख हैं, इस पद पर आसीन एकमात्र महिला हैं।
गीता जीवन दिवंगत डीएमके नेता एन पेरियासामी की बेटी हैं, जिन्हें दक्षिणी तमिलनाडु में पार्टी का एक प्रमुख व्यक्ति माना जाता था। उनके अलावा किसी भी महिला को जिला सचिव के पद पर नियुक्त नहीं किया गया है, जिसके चलते पार्टी के भीतर अधिक समावेशी प्रतिनिधित्व की मांग उठ रही है।
डीएमके संरचना में जिला सचिव का पद अत्यंत प्रभावशाली होता है और वह चुनाव कार्यों के समन्वय, कार्यकर्ताओं को संगठित करने और जमीनी स्तर तथा राज्य नेतृत्व के बीच संपर्क बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि नेतृत्व जिला सचिवों के पदों पर युवा चेहरों की कमी को लेकर विशेष रूप से चिंतित है। वर्तमान में इस पद पर आसीन अधिकांश लोग अनुभवी नेता हैं जो कई वर्षों से संगठन का हिस्सा हैं।
चेन्नई और उसके पड़ोसी जिलों में बदलाव अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने की संभावना है, जहां हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में डीएमके का प्रदर्शन नेतृत्व की अपेक्षाओं से कम रहा।
चेन्नई में फिलहाल छह संगठनात्मक जिला सचिव हैं, जिनमें से अधिकतर जाने-माने चेहरे हैं। नेतृत्व इन क्षेत्रों में मध्य-स्तरीय संगठनात्मक संरचना में बदलाव लाने के लिए पार्टी के युवा, महिला और छात्र संगठनों के पदाधिकारियों को पदोन्नत करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
डीएमके छात्र विंग के सचिव जे. वीरमणि ने प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं और युवाओं के लिए अधिक प्रतिनिधित्व से पार्टी और महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य दोनों को मजबूती मिलेगी।
पार्टी संगठनात्मक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर लगभग 100 करने पर भी विचार कर रही है। सूत्रों ने बताया कि छोटे जिला निकाय होने से पार्टी के कामकाज का प्रबंधन आसान होगा, पदाधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और नेतृत्व को आगामी चुनावों से पहले जमीनी स्तर की राजनीतिक गतिविधियों पर अधिक प्रभावी ढंग से नजर रखने में मदद मिलेगी।
-- आईएएनएस
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Created On :   15 Aug 2026 12:02 PM IST












