2029 तक नशा मुक्त तेलंगाना का लक्ष्य, डीजीपी बोले- ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करेंगे

2029 तक नशा मुक्त तेलंगाना का लक्ष्य, डीजीपी बोले- ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करेंगे
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सीवी आनंद ने सोमवार को कहा कि ड्रग तस्करों को उग्रवादियों और आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक माना जाएगा। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून के तहत और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हैदराबाद, 6 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सीवी आनंद ने सोमवार को कहा कि ड्रग तस्करों को उग्रवादियों और आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक माना जाएगा। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून के तहत और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस प्रमुख ने कहा कि भद्राद्री कोठागुडेम और खम्मम जिलों में ड्रग्स तथा गांजा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण पूरे राज्य में नशा विरोधी अभियान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

उन्होंने सोमवार को भद्राद्री कोठागुडेम जिला पुलिस कार्यालय में आयोजित जिला अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बातें कहीं।

डीजीपी ने कहा कि भद्राद्री कोठागुडेम की सीमाएं छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से लगती हैं, जिससे यह गांजा तस्करी का एक प्रमुख प्रवेश मार्ग बन गया है। उन्होंने जिला पुलिस को गांजे की खेती, परिवहन और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।

समाज पर नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए डीजीपी ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की लत आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या का उदाहरण देते हुए अधिकारियों से कहा कि तेलंगाना को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभी से ठोस कदम उठाए जाएं।

डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि ड्रग तस्करों को उग्रवादियों और आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक माना जाएगा और उनके खिलाफ और अधिक कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना पुलिस ड्रग तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ बिना किसी समझौते के अभियान चलाएगी और देश या विदेश में छिपे अपराधियों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।

डीजीपी ने दोहराया कि राज्य सरकार के विजन के तहत तेलंगाना पुलिस जनता की सक्रिय भागीदारी से दिसंबर 2029 तक तेलंगाना को नशा-मुक्त राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने अधिकारियों को बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, चेक पोस्टों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, डॉग स्क्वॉड की तैनाती करने और ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने जांच की गुणवत्ता और गति सुधारने, समय पर चार्जशीट दाखिल करने और दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मामलों के सभी रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली (सीसीटीएनएस) पर अपलोड किए जाएं, ताकि जांच और सुनवाई की प्रक्रिया तेज हो सके।

भद्राद्री कोठागुडेम को एक महत्वपूर्ण औद्योगिक जिला बताते हुए डीजीपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए खुफिया जानकारी आधारित और लक्षित पुलिसिंग को मजबूत किया जाना चाहिए।

जिले की पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने अधिकारियों से पेशेवर और प्रभावी पुलिसिंग जारी रखने तथा भद्राद्री कोठागुडेम को कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाने का आह्वान किया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक रोहित राज ने जिले के अपराध आंकड़ों, गांजा मामलों, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, वामपंथी उग्रवाद से जुड़े घटनाक्रमों और आपराधिक मामलों की जांच की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

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Created On :   7 July 2026 12:04 AM IST

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