विदेश मंत्री जयशंकर ने पोलैंड के राष्ट्रपति से की मुलाकात; रणनीतिक साझेदारी की सकारात्मक दिशा पर चर्चा
वारसॉ, 4 सितंबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को वारसॉ में पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी से मुलाकात की और भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की सकारात्मक दिशा पर बातचीत की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने 'एक्स' पर कहा, "पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत हमारी रणनीतिक साझेदारी की सकारात्मक दिशा पर केंद्रित रही। हमने यूक्रेन संघर्ष, मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया, आईएमईसी और जी20 पर विचार साझा किए।"
उन्होंने भारत-पोलैंड संसदीय समूह से भी मुलाकात की और आधुनिक भारत-पोलैंड संबंधों को आकार देने पर अपने विचार साझा किए।
विदेश मंत्री जयशंकर ने 'एक्स' पर कहा, "किंगा गजेव्स्का के नेतृत्व वाले भारत-पोलैंड संसदीय समूह से मिलकर खुशी हुई। हमने आधुनिक भारत-पोलैंड संबंधों को आकार देने पर विचार साझा किए। ईयू के साथ हमारे संबंधों के व्यापक संदर्भ में इस और अन्य क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। हमारे संसदीय मैत्री समूहों के बीच नियमित आदान-प्रदान की उम्मीद है।"
इससे पहले दिन में, विदेश मंत्री जयशंकर ने वारसॉ में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की और संयुक्त कार्य योजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने 'एक्स' पर कहा, "आज दोपहर, वारसॉ में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की। हमने व्यापार और निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल, एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, शिपिंग, खनन और ऊर्जा, लोगों के बीच संपर्क, संस्कृति और बहुपक्षीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी संयुक्त कार्य योजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की।"
उन्होंने आगे कहा, "हम गहरे भारत-ईयू सहयोग के लिए पोलैंड के समर्थन को महत्व देते हैं। मुझे विश्वास है कि एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) के लागू होने से द्विपक्षीय सहयोग और भी मजबूत होगा। हमने आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और भोजन, ईंधन तथा उर्वरक सुरक्षा सहित जटिल वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की। अंतहीन युद्ध की जगह युद्ध की समाप्ति होनी चाहिए।"
जारी युद्धों और दुनिया के सामने भोजन, ईंधन और उर्वरक की उपलब्धता की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और पोलैंड कई महत्वपूर्ण वैश्विक बहसों की दिशा तय करने में सहयोग कर सकते हैं।
वारसॉ में बातचीत के बाद सिकोरस्की के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि उन्होंने यूक्रेन संघर्ष सहित कुछ प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने चाहिए। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "उप-प्रधानमंत्री और मैंने कुछ अहम वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। इनमें सबसे खास मुद्दा यूक्रेन युद्ध था, जो अब अपने पांचवें साल में है। मुझे लगता है कि आपमें से ज्यादातर लोग जानते होंगे कि मैं खुद अभी कीव से लौटा हूं। भारत का मानना है कि कभी न खत्म होने वाले युद्धों की जगह युद्ध को खत्म करने की कोशिश होनी चाहिए। ऐसे युद्धों में कोई नहीं जीतता। हर अतिरिक्त दिन का मतलब है और ज्यादा मौतें, और ज्यादा तबाही, शामिल पक्षों को और ज्यादा नुकसान और बाकी दुनिया पर और ज्यादा बोझ।"
–आईएएनएस
एससीएच
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Created On :   4 Sept 2026 11:53 PM IST












