पाकिस्तान कराची में पोलियोवायरस के पांच नए मामले आए सामने

पाकिस्तान कराची में पोलियोवायरस के पांच नए मामले आए सामने
पाकिस्तान में पोलियो वायरस एक बार फिर गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कराची के सीवेज और अन्य स्थानों से लिए गए पांच नमूनों में पोलियो वायरस की पुष्टि हुई है। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

कराची, 7 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में पोलियो वायरस एक बार फिर गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कराची के सीवेज और अन्य स्थानों से लिए गए पांच नमूनों में पोलियो वायरस की पुष्टि हुई है। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

सिंध में आयोजित एक परामर्श बैठक के दौरान शहरयार मेमन ने बताया कि कराची में वायरस की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि संक्रमण अब भी फैल रहा है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर कम संक्रमण वाले मौसम में भी वायरस का सक्रिय रहना बेहद चिंताजनक है और इसके लिए तत्काल सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

यह बैठक सिंध इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड नियोनेटोलॉजी (एसआईसीएचएन) में आयोजित की गई थी, जिसमें यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, पाकिस्तान पीडियाट्रिक एसोसिएशन और पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन सहित कई संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल हुए।

डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि जॉर्ज ने कहा कि अफ्रीका में सफल साबित हुई रणनीतियों को अब पाकिस्तान में भी लागू किया जा रहा है, ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके।

पिछले सप्ताह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से पोलियो के दो नए मामले सामने आए थे। इनमें एक मामला बन्नू और दूसरा नॉर्थ वजीरिस्तान से जुड़ा है। इस साल अब तक पाकिस्तान में पोलियो के कुल तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों की पुष्टि राष्ट्रीय पोलियो निगरानी नेटवर्क और डब्ल्यूएचओ से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला द्वारा की गई। पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के वे दो देश हैं जहां अब भी पोलियो के मामले सामने आते हैं।

पोलियो उन्मूलन अभियान के सामने सुरक्षा चुनौतियां भी लगातार बनी हुई हैं। हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में टीकाकरण टीमों पर हमले हुए, जिनमें पुलिसकर्मी मारे गए और कुछ स्वास्थ्यकर्मियों का अपहरण भी किया गया।

इसके अलावा, टीके को लेकर फैली गलत जानकारी और अभिभावकों द्वारा वैक्सीन से इनकार भी बड़ी समस्या बना हुआ है। केवल कराची में ही लगभग 31 हजार परिवारों ने पोलियो ड्रॉप्स देने से मना कर दिया, जो पूरे देश के कुल इनकार मामलों का करीब 58 प्रतिशत है।

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Created On :   7 May 2026 3:06 PM IST

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