गुजरात बुजुर्ग डॉक्टर को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 58.5 लाख रुपए कराए ट्रांसफर, दो आरोपी गिरफ्तार
राजकोट, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजकोट शहर की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बुजुर्ग महिला डॉक्टर को 'डिजिटल अरेस्ट' करने के मामले में केस दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर गुजरात के अहमदाबाद से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि साइबर धोखाधड़ी से मिले लगभग 58.5 लाख रुपए ट्रांसफर करने के लिए आरोपियों से जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था।
आरोपियों की पहचान अहमदाबाद के इसानपुर इलाके के रहने वाले दर्शन मकवाना (34), जो मूलरूप से धोलेरा तालुका के भांगढ़ गांव के रहने वाले हैं और भावनगर के रहने वाले शुभम परमार (29), जो मूल रूप से बोटाद के रहने वाले हैं के तौर पर की गई है।
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को अपनी कंपनी के बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने दिए, जिससे साइबर फ्रॉड से कमाए गए पैसे का ट्रांसफर आसान हो गया। पुलिस ने कहा, "ये गिरफ्तारियां टेक्निकल एनालिसिस और बैंक से जुड़ी जानकारी के आधार पर की गईं।"
राजकोट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 318(4), 308(2), 319(2), 204 और 61(2) के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि यह जांच एक बुजुर्ग महिला डॉक्टर के 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़ी शिकायत के बाद शुरू की गई थी।
ऐसे मामलों में धोखेबाज फर्जी कानून प्रवर्तन या अन्य अधिकारी बनकर पीड़ितों से संपर्क करते हैं और कथित जांच के बहाने उनसे पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
पुलिस ने आरोपियों से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 1.20 लाख रुपए आंकी गई है।
ये गिरफ्तारियां सिटी पुलिस कमिश्नर ब्रजेशकुमार झा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर चैतन्य मांडलिक और अन्य अधिकारियों की देखरेख में काम करने वाली एक टीम ने कीं। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान कॉल करने वालों के साथ अपनी बैंक डिटेल्स, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी शेयर न करें।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगर कोई फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर पैसे मांगता है तो वे सावधान रहें और तुरंत आधिकारिक साइबर क्राइम हेल्पलाइन के जरिए संदिग्ध साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट करें।
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Created On :   3 Oct 2026 9:51 PM IST












