गुजरात में भारी बारिश, 42,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया, 308 मवेशियों की मौत

गुजरात में भारी बारिश, 42,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया, 308 मवेशियों की मौत
गुजरात में कई दिनों की भारी बारिश के बाद राहत और पुनर्वास का काम जारी है और 42,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, हालिया बाढ़ में 308 मवेशियों की मौत हुई है।

गांधीनगर, 25 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात में कई दिनों की भारी बारिश के बाद राहत और पुनर्वास का काम जारी है और 42,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, हालिया बाढ़ में 308 मवेशियों की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार देर शाम गांधीनगर में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (एसईओसी) में बारिश की बदलती स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की। उनके साथ मुख्य सचिव एमके. दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) डॉ. जयंती रवि और राहत आयुक्त गौरव मकवाना भी मौजूद थे।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एहतियात के तौर पर राज्य भर के जोखिम वाले इलाकों से अब तक कुल 42,158 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

दक्षिण गुजरात में बारिश कम होने के साथ ही, राज्य का तत्काल ध्यान बचाव कार्यों से हटकर प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्यों पर केंद्रित हो गया है।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रभावित परिवारों को नकद सहायता देने का काम शुरू हो गया है और घर-गृहस्थी से जुड़ी मदद भी जल्द से जल्द दी जाएगी।

बैठक में पेश शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, हाल ही में हुई भारी बारिश की वजह से पूरे गुजरात में 308 मवेशियों की मौत हुई है।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि अगले 24 घंटों में उत्तरी गुजरात के पाटन, मेहसाणा, वाव-थराद और बनासकांठा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके जवाब में, स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमें पहले ही तैनात कर दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों के जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और यह पक्का करने का निर्देश दिया कि भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती उपाय किए जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी उतरते ही प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य करने के लिए तुरंत सफाई अभियान, सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय और नुकसान का आकलन करने वाले सर्वे शुरू किए जाएं।

समीक्षा बैठक के दौरान, राहत आयुक्त ने बताया कि इस महीने कई जिलों में हुई बारिश का स्तर पिछले साल जुलाई की इसी अवधि में हुई बारिश के स्तर से पहले ही ज्यादा हो चुका है।

वलसाड में जुलाई के औसत के मुकाबले 93 प्रतिशत, नवसारी में 97 प्रतिशत, डांग में 71 प्रतिशत, सूरत में 81 प्रतिशत, अहमदाबाद में 66 प्रतिशत और अमरेली में 63 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।

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Created On :   26 July 2026 12:07 AM IST

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