आईएन-स्पेस ने टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड के लिए तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का किया चयन
नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स — एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज, सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया और टीएम2स्पेस टेक्नोलॉजीज — को अपने टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड (टीएएफ) योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ये तीनों स्टार्टअप्स इस योजना के तहत वित्त पोषण प्राप्त करने के लिए भारतीय गैर-सरकारी अंतरिक्ष संस्थान (एनजीई) के पहले समूह के रूप में चुने गए हैं।
इन स्टार्टअप्स को ऐसी परिवर्तनकारी अंतरिक्ष तकनीकों के विकास के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी, जो भारत की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में उसकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में मदद करेंगी।
बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को अंतरिक्ष प्रक्षेपण यानों के लिए 800 किलोन्यूटन क्षमता वाला उच्च-थ्रस्ट क्लोज्ड-साइकिल लिक्विड रॉकेट इंजन विकसित करने का जिम्मा मिला है।
यह पुन: उपयोग योग्य एलओएक्स-एलएनजी रॉकेट इंजन उच्च दक्षता और मॉड्यूलर संरचना के साथ मध्यम और भारी क्षमता वाले प्रक्षेपण यानों के लिए तैयार किया जाएगा। यह अगली पीढ़ी की लॉन्च प्रणालियों और कक्षीय चरणों के लिए एक व्यावसायिक प्रोपल्शन समाधान के रूप में काम करेगा।
वहीं, बेंगलुरु की स्पेस एनालिटिक्स कंपनी सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 'धारिणी' नामक एक बड़े पृथ्वी अवलोकन मॉडल (एलओएम) का विकास करेगी।
इसे भारत के रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोगों के लिए एक बुनियादी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मंच के रूप में तैयार किया जाएगा।
विभिन्न उपग्रह और हवाई डेटा सेट पर प्रशिक्षित यह मॉडल कृषि, बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उपयोगी जानकारियां उपलब्ध कराएगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
हैदराबाद स्थित टीएम2स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड उपग्रहों के लिए स्वदेशी एआई-संचालित स्टार ट्रैकर प्रणाली विकसित करेगी।
यह प्रणाली उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजिंग और संचार मिशनों के लिए आवश्यक सटीक दिशा-निर्धारण क्षमता प्रदान करेगी।
इस परियोजना के तहत छोटे उपग्रहों के लिए 'स्टारसेंस लाइट' और 50 किलोग्राम से अधिक वजन वाले उपग्रहों के लिए 'स्टारसेंस प्रो' विकसित किए जाएंगे, जिनमें उन्नत प्रकाशिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑनबोर्ड एल्गोरिद्म का उपयोग कर अत्यधिक सटीक दिशा निर्धारण क्षमता उपलब्ध कराई जाएगी।
इन स्टार्टअप्स का चयन एक कड़ी बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया।
चयन समिति में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और आईएन-स्पेस के विशेषज्ञ शामिल थे।
बयान में कहा गया कि प्राप्त कई प्रस्तावों में से इन तीन स्टार्टअप्स को टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड योजना के उद्देश्यों और मानदंडों के अनुरूप होने के आधार पर चुना गया है।
आईएन-स्पेस ने भारतीय कंपनियों से भविष्य में भी इस योजना के अनुरूप प्रस्ताव भेजने का आह्वान किया है।
आईएन-स्पेस के अध्यक्ष डॉ. पवन गोयनका ने कहा कि यह फंड शुरुआती चरण के विकास और व्यावसायिक सफलता के बीच मौजूद महत्वपूर्ण अंतर को कम करने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा, "ये केवल नवाचारपूर्ण विचार नहीं हैं, बल्कि व्यावहारिक और बाजार के लिए तैयार समाधान हैं, जो वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाएंगे।"
बयान के अनुसार, आईएन-स्पेस चयनित परियोजनाओं को तकनीकी मार्गदर्शन, निगरानी और चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता जारी करता रहेगा, ताकि इन परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
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Created On :   11 Jun 2026 4:47 PM IST












