अमेरिका में भारत से जुड़ा टैरिफ रिफंड 12 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है रिपोर्ट

अमेरिका में भारत से जुड़ा टैरिफ रिफंड 12 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है रिपोर्ट
अमेरिका में भारत से जुड़े टैरिफ रिफंड की राशि 10 से 12 अरब डॉलर के बीच होने की उम्मीद है। यह रिफंड अमेरिकी अधिकारियों द्वारा डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ के लिए 166 अरब डॉलर की क्लेम विंडो खोलने के बाद दिया जा रहा है, जिसे अमेरिकी अदालतों ने रद्द कर दिया था। यह जानकारी ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की ओर से जारी रिपोर्ट में दी गई।

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका में भारत से जुड़े टैरिफ रिफंड की राशि 10 से 12 अरब डॉलर के बीच होने की उम्मीद है। यह रिफंड अमेरिकी अधिकारियों द्वारा डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ के लिए 166 अरब डॉलर की क्लेम विंडो खोलने के बाद दिया जा रहा है, जिसे अमेरिकी अदालतों ने रद्द कर दिया था। यह जानकारी ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की ओर से जारी रिपोर्ट में दी गई।

रिफंड की प्रक्रिया 20 अप्रैल को शुरू हुई और क्लेम केवल अमेरिका स्थित आयातकों द्वारा ही दायर किए जा सकते हैं, जिसका अर्थ है कि भारतीय निर्यातकों के पास रिफंड प्राप्त करने का कोई सीधा कानूनी रास्ता नहीं है।

भारतीय कंपनियों को रिफंड का कोई हिस्सा पाने के लिए अब अमेरिकी खरीदारों के साथ बातचीत पर निर्भर रहना होगा। निर्यातकों को छूट साझा करने के लिए डील, कीमतों में बदलाव या भविष्य के अनुबंधों में बेहतर शर्तों की मांग करनी पड़ सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ा रिफंड एक बड़े अवसर की ओर इशारा करता है, लेकिन चेतावनी दी गई है कि भारतीय निर्यातकों के लिए कोई भी वास्तविक लाभ उनकी बातचीत की ताकत और अमेरिकी भागीदारों के साथ वाणिज्यिक शर्तों को फिर से शुरू करने की उनकी क्षमता पर निर्भर करेगा।

भारत से जुड़े रिफंड में सबसे अधिक हिस्सेदारी कपड़ा और परिधान, इंजीनियरिंग सामान और रसायन क्षेत्रों की होने की संभावना है, क्योंकि टैरिफ में अचानक बढ़ोतरी होने पर ये क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए थे।

टैरिफ के पहले चरण में उन व्यवसायों को शामिल किया गया है जिनकी प्रविष्टियों को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है, या आयात संबंधी आवेदन अभी भी सीमा शुल्क समीक्षा के अधीन हैं, और वे प्रविष्टियां, जिन्हें पिछले 80 दिनों के भीतर अंतिम रूप दिया गया है। इससे पहले अंतिम रूप दी गई प्रविष्टियों वाले व्यवसायों को क्लेम दाखिल करने से पहले बाद के चरणों का इंतजार करना होगा।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   21 April 2026 5:03 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story