भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहली आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता, रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहली आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता, रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर हुई चर्चा
भारत और दक्षिण अफ्रीका ने नई दिल्ली में पहली 'आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता' की। इस बातचीत में ज्यादा ट्रेनिंग एक्सचेंज और संयुक्त क्षमता-निर्माण पहलों के जरिए दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर गंभीर मंत्रणा हुई।

नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और दक्षिण अफ्रीका ने नई दिल्ली में पहली 'आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता' की। इस बातचीत में ज्यादा ट्रेनिंग एक्सचेंज और संयुक्त क्षमता-निर्माण पहलों के जरिए दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर गंभीर मंत्रणा हुई।

बैठक के बाद, भारतीय सेना ने शनिवार को एक्स पोस्ट में कहा, "भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सेना-से-सेना के स्तर पर पहली बार स्टाफ वार्ता (एएएसटी) 16-18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। दोनों पक्षों ने ट्रेनिंग एक्सचेंज और संयुक्त क्षमता निर्माण के जरिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। ये सेनाओं के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।"

भारतीय सेना के अनुसार, दक्षिण अफ्रीकी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सेना की एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी पहलों और 505 आर्मी बेस वर्कशॉप का भी दौरा किया, जिससे उन्हें टेक्नोलॉजी पर आधारित बदलाव और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के बारे में जानकारी मिली।

यह आर्मी-टू-आर्मी वार्ता, नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के बीच हुई बैठक के कुछ दिनों बाद हुई है। बैठक में द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

पिछले हफ्ते, पीएम मोदी और रामफोसा ने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत तथा दक्षिण अफ्रीका के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

इसके बाद विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी थी।

बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका अफ्रीका की प्रगति, ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और अधिक संतुलित वैश्विक व्यवस्था के लिए मिलकर काम करेंगे।

पीएम ने एक्स पोस्ट में लिखा, "दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से मिलकर खुशी हुई। हमने भारत-दक्षिण अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की, जिसमें भारत-एसएसीयू व्यापार समझौता, खनन और महत्वपूर्ण खनिज, बुनियादी ढांचा, खाद्य सुरक्षा, डीपीआई और उभरती टेक्नोलॉजी, और स्किलिंग शामिल है। हमारी साझेदारी इतिहास पर आधारित है और भविष्य पर मजबूती से केंद्रित है। हम अफ्रीका की प्रगति, ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और अधिक संतुलित वैश्विक व्यवस्था के लिए मिलकर काम करेंगे।"

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Created On :   19 Sept 2026 2:03 PM IST

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