वित्त वर्ष 27 में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में रहेगा शामिल रिपोर्ट

वित्त वर्ष 27 में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में रहेगा शामिल रिपोर्ट
वित्त वर्ष 27 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, नीतिगत उपायों और सेवाओं के मजबूत निर्यात के दम पर भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 27 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, नीतिगत उपायों और सेवाओं के मजबूत निर्यात के दम पर भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।

एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2027 के लिए उसका संशोधित वृद्धि दर अनुमान, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के 6.4 प्रतिशत के हालिया अनुमान से अधिक है।

एडीबी ने कहा, "विकास दर को अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए पॉलिसी में बदलाव, ईंधन कर में कटौती, खास तौर पर टारगेटेड क्रेडिट सपोर्ट, मजबूत सर्विस निर्यात और पब्लिक कैपिटल खर्च से बढ़ावा मिलेगा।"

एडीबी ने भारत के लिए वित्त वर्ष 28 की ग्रोथ का अनुमान भी 7.3 प्रतिशत पर बरकरार रखा, जो अप्रैल के अनुमान जैसा ही है।

एडीबी ने कहा कि मध्यम अवधि का आउटलुक बेहतर होते ग्लोबल हालात और अलग-अलग पार्टनर देशों के साथ व्यापार समझौतों से मिली एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस से समर्थित है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एनर्जी की बढ़ी हुई कीमतों की वजह से वित्त वर्ष 27 की ग्रोथ के अनुमान में कमी की गई, क्योंकि इनसे लोगों की असली आय कम होती है और उपभोक्ता खर्च पर असर पड़ता है।

बैंक चेतावनी दी कि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और मौसम की वजह से खेती में कमजोरी के कारण आउटलुक पर जोखिम अभी भी नीचे की ओर झुका हुआ है।

एडीबी ने वित्त वर्ष 27 के लिए भारत की महंगाई दर का अनुमान भी बदलकर 5.2 प्रतिशत कर दिया, जबकि वित्त वर्ष 28 के लिए महंगाई दर का अनुमान 4 प्रतिशत पर ही बनाए रखा।

एडीबी ने दक्षिण एशिया के लिए 2026 में विकास दर का अनुमान पहले के 6.3 प्रतिशत से घटाकर 6.0 प्रतिशत कर दिया है। इसके पीछे तेल की ऊंची कीमतें, माल ढुलाई की बढ़ती लागत और रेमिटेंस (विदेश से भेजी जाने वाली रकम) के प्रवाह को लेकर अनिश्चितता जैसे कारण बताए गए हैं।

विकासशील एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए, बैंक ने 2026 के विकास दर अनुमान को 5.1 प्रतिशत से घटाकर 4.9 प्रतिशत कर दिया है। बैंक का कहना है कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से चल रहे संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन को बाधित किया है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ी है और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी हुई है।

निकट भविष्य की चुनौतियों के बावजूद, एडीबी ने कहा कि भारत के विकास का नजरिया दुनिया भर में सबसे मजबूत बना हुआ है। इसे लगातार हो रहे सुधारों, सरकारी निवेश और मजबूत सर्विसेज निर्यात का समर्थन मिल रहा है।

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Created On :   9 July 2026 3:18 PM IST

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