तंग गलियों और आस-पास संवेदनशील इमारतों की वजह से जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन के लिए उपयुक्त नहीं था किरण बेदी

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उप-राज्यपाल किरण बेदी ने मंगलवार को कहा कि संकरी गलियों, संवेदनशील इमारतों और सरकारी दफ्तरों के पास में होने की वजह से जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर ठीक नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जब रामलीला मैदान में प्रदर्शन की इजाजत दी जाए, तो वहां सुरक्षा और कामकाज का साफ-सुथरा प्लान होना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए किरण बेदी ने याद किया कि कैसे दशकों में दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहें बदलती रहीं। उन्होंने कहा, "दिल्ली शहर में पुलिसिंग के अपने कार्यकाल के दौरान, मैंने विरोध-प्रदर्शन की जगहों को बदलते देखा है। प्रधानमंत्री आवास, तीन मूर्ति मार्ग (तब श्रीमती गांधी का आवास) से लेकर 1970 के दशक की शुरुआत में लुटियंस दिल्ली की सड़कों तक, 1980 के दशक में इंडिया गेट, बोट क्लब और फिर जंतर-मंतर तक।"
बेदी ने कहा, "हर शहर को लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति (जिसे हम विरोध-प्रदर्शन भी कहते हैं) के लिए एक खुली जगह की जरूरत होती है, लेकिन अक्सर इसकी व्यवस्था करना भूल जाते हैं। शहर के योजनाकार कृपया ध्यान दें; तंग गलियों और संवेदनशील इमारतों व दफ्तरों के पास होने के कारण जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर सबसे कम उपयुक्त था।"
उन्होंने कहा, "कनॉट प्लेस कॉम्प्लेक्स जैसे मशहूर कमर्शियल इलाके के अलावा, मुझे लगता है कि उस समय प्रशासन ने वह फैसला लेने में गलती की और इतने समय तक उसे सुधारा नहीं। इसके नतीजे सबके सामने हैं। गृह मंत्रालय ने रामलीला मैदान और दूसरी जगहों की पहचान की है। शायद इस बदलाव के लिए अदालती दखल की जरूरत थी। अब हमें रामलीला मैदान के लिए एक साफ सुरक्षा और कामकाज की योजना चाहिए, जिसे मंजूरी देते समय बताया जाए।"
किरण बेदी की ओर से ये बातें दिल्ली पुलिस की ओर से सोमवार को जारी एक आदेश के बाद सामने आईं, जिसमें जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटा दिया गया और प्रदर्शनों के लिए तीन वैकल्पिक जगहों की पहचान की गई। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को स्टैंडिंग ऑर्डर जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को विरोध-प्रदर्शन के लिए नई जगहें घोषित किया है।
जंतर-मंतर सेंट्रल दिल्ली में है, जो संसद भवन से मुश्किल से एक किलोमीटर दूर है। उत्तरी दिल्ली में बुराड़ी ग्राउंड लगभग 23 किलोमीटर दूर है, जबकि शाहदरा में सीबीडी ग्राउंड लगभग 12 किलोमीटर दूर है। रामलीला मैदान जंतर-मंतर से करीब तीन किलोमीटर दूर है। सरकार के इस फैसले की विपक्षी पार्टियों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आलोचना की गई है।
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Created On :   13 Oct 2026 2:50 PM IST












