जम्मू-कश्मीर एसीबी ने किश्तवाड़ में इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज की एफआईआर
श्रीनगर, 22 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को बताया कि किश्तवाड़ जिले में एक सहायक कार्यकारी अभियंता के खिलाफ उसकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
एसीबी के एक बयान में कहा गया कि ब्यूरो ने चटरो स्थित हाइड्रॉलिक सब-डिवीजन के सहायक कार्यकारी अभियंता के खिलाफ उसकी ज्ञात आय के स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति रखने के आरोप में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि अदालत के आदेश पर डोडा और किश्तवाड़ में कई स्थानों पर तलाशी ली गई। मामले की आगे जांच जारी है।
जम्मू-कश्मीर एसीबी ने आरोपी अशिक हुसैन राथर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
यह मामला एसीबी (डोडा–किश्तवाड़ रेंज) द्वारा की गई जांच के बाद सामने आया, जिसमें आरोप था कि अधिकारी ने अपने और अपने परिवार के नाम पर चल-अचल संपत्तियां बनाई हैं, जो उसकी आय से काफी अधिक हैं। इनमें डोडा कोर्ट रोड पर पांच मंजिला आवासीय भवन, भद्रवाह के उडराना गांव और जम्मू के सुंजवां गांव में खरीदी गई जमीन, बड़ी बैंक जमा राशि (फिक्स्ड डिपॉजिट), महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जेवर शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि'आरोपी द्वारा अर्जित संपत्तियों का मूल्य उसकी ज्ञात आय से काफी अधिक पाया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि उसने सेवा अवधि के दौरान अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है।
जांच के दौरान एसीबी ने सक्षम अदालत से सर्च वारंट लेकर डोडा और किश्तवाड़ स्थित आरोपी के आवासीय और कार्यालय परिसरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई मजिस्ट्रेटों और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई।
जम्मू-कश्मीर एसीबी भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच करने वाली प्रमुख कानून प्रवर्तन एजेंसी है।
यह एजेंसी सीधे केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करती है और नागरिक अधिकारियों व निर्वाचित प्रतिनिधियों के मामलों की जांच करती है।
एसीबी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराधों की जांच करती है।
इसके अधिकारी परिसरों की तलाशी लेने और आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति व अघोषित धन जब्त करने का अधिकार रखते हैं।
एजेंसी उन संपत्तियों को जब्त (फ्रीज या नियंत्रण में लेना) भी कर सकती है, जो आय से अधिक या अवैध रूप से अर्जित मानी जाती हैं।
ब्यूरो अक्सर 'ट्रैप' ऑपरेशन चलाकर रिश्वत लेते हुए अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ता है।
जांच पूरी होने के बाद एसीबी रिपोर्ट सरकार को अभियोजन स्वीकृति के लिए भेजती है और सक्षम अदालतों में चार्जशीट दाखिल करती है।
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Created On :   23 May 2026 12:15 AM IST












