सिद्धारमैया स्टिंग ऐप मामले पर जुबानी जंग तेज, प्रियांक खड़गे का कुमारस्वामी पर बड़ा हमला

सिद्धारमैया स्टिंग ऐप मामले पर जुबानी जंग तेज, प्रियांक खड़गे का कुमारस्वामी पर बड़ा हमला
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है। एच.डी. कुमारस्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले को संभालने के तरीके पर सवाल उठाया था।

बेंगलुरु, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है। एच.डी. कुमारस्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले को संभालने के तरीके पर सवाल उठाया था।

स्टिंग ऑपरेशन केस के संबंध में पीड़ित की ओर से शिकायत के तौर पर भेजे गए ईमेल के बारे में कुमारस्वामी के सवाल पर प्रियांक खड़गे ने जांच प्रक्रिया के बारे में केंद्रीय मंत्री की समझ पर सवाल उठाया और कहा कि वह केस पर चर्चा करने के बजाय बार-बार व्यक्तिगत हमले कर रहे थे।

प्रियांक खड़गे ने पूछा, "मैंने उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी। वह कहते हैं कि प्रियांक खड़गे गृह मंत्री बनने के लायक नहीं हैं और नाकाबिल हैं। वह अपने परिवार और राज्य के लोगों से झूठ बोलते हैं, रोते हैं और बार-बार चुनाव क्षेत्र बदलते हैं। अगर उनके जैसा व्यक्ति मुख्यमंत्री बन सकता है, तो क्या मैं गृह मंत्री नहीं बन सकता?"

यह सवाल उठाते हुए कि पुलिस डिपार्टमेंट से निजी ईमेल पर कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है, खड़गे ने कहा कि डिपार्टमेंट और चाइल्ड राइट्स कमीशन को ईमेल के बारे में अपने आप तब तक पता नहीं चलेगा, जब तक मामला उनके ध्यान में न लाया जाए।

खड़गे ने कहा, "अगर कोई प्राइवेट ईमेल भेजता है, तो पुलिस या चाइल्ड राइट्स कमीशन को इसके बारे में कैसे पता चलेगा? जब तक चाइल्ड राइट्स कमीशन मामले को पुलिस डिपार्टमेंट के ध्यान में नहीं लाता, डिपार्टमेंट को कैसे पता चलेगा? क्या उनमें यह बेसिक कॉमन सेंस नहीं है? वह एक चीफ मिनिस्टर थे और अब एक यूनियन मिनिस्टर हैं। क्या वह गांव के बेवकूफ हैं?"

उन्होंने पूछा कि अगर कुमारस्वामी को कथित शिकायत के बारे में पहले से पता था, तो उन्होंने सीएम रहते हुए कार्रवाई क्यों नहीं की? खड़गे ने बताया कि कथित ईमेल 2015 का है और उन्होंने सीएम के तौर पर अपने लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान कुमारस्वामी की इस मामले पर चुप्पी पर सवाल उठाया।

उन्होंने पूछा, “अगर ईमेल 2015 में भेजा गया था, तो कुमारस्वामी डेढ़ साल तक मुख्यमंत्री थे। क्या वह एक्शन लेने के बजाय उस समय गधों को चराने पर नजर रख रहे थे? क्या वह केस के बारे में जानते हुए भी चुप थे? क्या वह जुर्म को बढ़ावा दे रहे थे?”

खड़गे ने कहा कि किसी केस की जांच के लिए सही प्रोसेस का पालन करना जरूरी है और इसे बच्चों का खेल नहीं माना जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें राज्य के गृह मंत्री के तौर पर अपनी काबिलियत पर कुमारस्वामी से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

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