आंध्र प्रदेश के साथ नए तनाव के बीच, ओडिशा के मंत्री ने कोटिया सीमा विवाद पर कार्रवाई का आश्वासन दिया

आंध्र प्रदेश के साथ नए तनाव के बीच, ओडिशा के मंत्री ने कोटिया सीमा विवाद पर कार्रवाई का आश्वासन दिया
ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार कोरापुट जिले की कोटिया ग्राम पंचायत से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के जल्द और स्थायी समाधान के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भुवनेश्वर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार कोरापुट जिले की कोटिया ग्राम पंचायत से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के जल्द और स्थायी समाधान के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कोरापुट जिले के पोटांगी ब्लॉक में कोटिया पंचायत को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है। ऐसा तब हुआ जब पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश ने इस विवादित इलाके के कुछ गांवों में पंचायत चुनाव कराने की कोशिश की।

जैसे ही मंत्री को इस घटनाक्रम के बारे में पता चला, उन्होंने जिला प्रशासन को स्थिति पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।

बुधवार को पुजारी ने एक वर्चुअल मीटिंग के जरिए कोरापुट जिले की कोटिया ग्राम पंचायत से जुड़े सीमा विवाद और हाल के घटनाक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।

अधिकारियों ने बताया कि मीटिंग के दौरान मंत्री ने ओडिशा के एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राज्य के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाने के संबंध में उनसे सलाह मांगी।

राजस्व मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विवाद को सुलझाने के लिए जरूरी कानूनी कदम तेज किए जाएं और सीमावर्ती इलाकों में ओडिशा की प्रशासनिक मौजूदगी को मजबूत किया जाए।

पुजारी ने कहा, "कोटिया क्षेत्र में शांति, स्थिरता और जनता का भरोसा बनाए रखना, साथ ही राज्य के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद के जल्द और स्थायी समाधान के लिए सभी जरूरी और उचित कदम उठाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

उन्होंने आगे कहा कि कोटिया क्षेत्र के गांवों को लेकर यह विवाद पिछले कई वर्षों से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच द्विपक्षीय बातचीत और कानूनी कार्यवाही का विषय रहा है।

पिछली बीजेडी सरकार पर निशाना साधते हुए पुजारी ने कहा, "2006 में सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार द्वारा दायर अंतर-राज्य सीमा विवाद मामले को खारिज कर दिया था। इसके बाद दायर की गई समीक्षा याचिका और उपचारात्मक याचिका भी खारिज हो गईं। लेकिन, तुरंत कोई कदम उठाने के बजाय, उस समय की सरकार ने 16 साल के अंतराल के बाद 2022 में एक और मामला दायर कर दिया। यह मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है।"

यह मुद्दा तब और उलझ गया जब फरवरी 2021 में आंध्र प्रदेश ने विवादित गांवों में पंचायत चुनाव करा दिए। इसके बाद ओडिशा ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की, जिसमें कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाया गया।

चूंकि मामले अभी कोर्ट में लंबित हैं, इसलिए एडवोकेट जनरल को सभी जरूरी कानूनी कदम उठाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आरएंडडीएम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और कोरापुट कलेक्टर को निर्देश दिया गया है कि वे उन्हें सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं और जरूरी सहायता प्रदान करें।

विवाद की संवेदनशील कानूनी प्रकृति को देखते हुए, मंत्री ने प्रमुख विभागों, कानूनी विशेषज्ञों और जिला अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया, ताकि ऐतिहासिक रिकॉर्ड, जनगणना के आंकड़ों और प्रशासनिक तथ्यों के आधार पर एक ठोस रणनीति तैयार की जा सके।

राज्य सरकार कोटिया में लगातार आवश्यक सेवाएं और कल्याणकारी योजनाएं पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत, एक मंत्री-स्तरीय समिति नियमित रूप से क्षेत्रीय विकास कार्यों की समीक्षा करती है।

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Created On :   21 Oct 2026 10:52 PM IST

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