केटीआर का तेलंगाना सरकार पर बड़ा हमला, सीएम पर बिजली संकट पैदा कर विदेशी कोयला घोटाले का लगाया आरोप
हैदराबाद, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर कोयला और बिजली संकट जैसी स्थिति पैदा की है, ताकि विदेशी कोयला आयात के प्रस्ताव के जरिए 3,000 करोड़ रुपए का घोटाला किया जा सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड को कमजोर कर रही है और साथ ही 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' के साथ कुछ संदिग्ध समझौतों के जरिए महंगे आयात का रास्ता तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का और केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी को लिखे एक खुले पत्र में रामा राव ने मांग की कि प्रस्तावित आयात से जुड़ी सभी जानकारियां, जैसे कि बातचीत, टेंडर दस्तावेज, समझौतों के ड्राफ्ट, कीमत और 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' के चयन का आधार सार्वजनिक की जाएं।
बीआरएस नेता केटीआर (जैसा कि वे लोकप्रिय रूप से जाने जाते हैं) ने आरोप लगाया कि इस प्रस्तावित व्यवस्था में प्रति टन 1,500 रुपए का कमीशन शामिल हो सकता है, जो कुल मिलाकर 3,000 करोड़ रुपए का घोटाला बन सकता है।
उन्होंने इन प्रस्तावों की स्वतंत्र जांच की मांग की और सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर इस काम के लिए 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी तक आयात शुरू नहीं हुआ है, और मांग की कि प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले सभी फैसलों और वित्तीय व्यवस्थाओं का खुलासा किया जाए।
पूर्व मंत्री ने सिंगरेनी के कोयला उत्पादन में आई गिरावट पर सवाल उठाया - जो 2023-24 में लगभग 70.02 मिलियन टन था, और 2025-26 में घटकर लगभग 58 मिलियन टन रह गया है। उन्होंने पूछा कि बिजली की मांग में होने वाली संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए भी घरेलू उत्पादन को मजबूत करने, खदानों को विकसित करने और कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफलता क्यों हुई?
उन्होंने सिंगरेनी के लगभग 60,000 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान का पूरा ब्योरा भी मांगा। उन्होंने सरकार से कहा कि वह बताए कि कितना पैसा बकाया है, कितना भुगतान मिल चुका है और कितनी देनदारियां अभी बाकी हैं।
यादाद्री थर्मल पावर स्टेशन का जिक्र करते हुए, केटीआर ने बताया कि सिंगरेनी की खदानों से हर साल 14 मिलियन टन जी9-ग्रेड कोयला देने का आवंटन किया गया था, और अप्रैल 2022 में इसके लिए एक आपूर्ति समझौता भी हुआ था। उन्होंने सवाल किया कि विदेशी आयात का प्रस्ताव लाने से पहले घरेलू आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को क्यों नहीं सुलझाया गया?
केटीआर ने यादाद्री में कोयला और राख संभालने के काम के लिए होने वाले अनुबंधों में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य की बिजली कंपनियों के पास खुद विशेषज्ञता मौजूद है, तो फिर इस काम को आउटसोर्स क्यों किया जा रहा है? उन्होंने सिंगरेनी के हितों की रक्षा करने में विफल रहने के लिए केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी की आलोचना की। बीआरएस नेता ने प्रस्तावित आयात व्यवस्था की स्वतंत्र जांच, विदेशी कोयला खरीद पर एक श्वेत पत्र, भोट्रा लॉजिस्टिक्स से जुड़े सभी लेन-देन का खुलासा, सिंगरेनी में उत्पादन में गिरावट पर विस्तृत रिपोर्ट और बकाया राशि का ऑडिटेड विवरण पेश करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सिंगरेनी को कमजोर करने, घरेलू कोयला संसाधनों को नुकसान पहुंचाने या तेलंगाना पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालने की कोई भी कोशिश की गई, तो बीआरएस उसका कड़ा विरोध करेगा।
उन्होंने राज्य और केंद्र सरकारों से जवाबदेही की मांग की और कहा कि सभी संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
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Created On :   15 Oct 2026 10:21 PM IST












