एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स को कस्टम्स ड्यूटी को लेकर मिला 153.58 करोड़ रुपए का नोटिस

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स को कस्टम्स ड्यूटी को लेकर मिला 153.58 करोड़ रुपए का नोटिस
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड को कस्टम अधिकारियों से 'कारण बताओ नोटिस' मिला है। यह नोटिस कुछ आयातित सामानों की मूल्यांकन योग्य मूल्य (मूल कीमत, इंश्योरेंस और भाड़ा) में रॉयल्टी पेमेंट को शामिल न करने के आरोप में 153.58 करोड़ रुपए की कस्टम ड्यूटी की वसूली के लिए भेजा गया है। यह जानकारी कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई।

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड को कस्टम अधिकारियों से 'कारण बताओ नोटिस' मिला है। यह नोटिस कुछ आयातित सामानों की मूल्यांकन योग्य मूल्य (मूल कीमत, इंश्योरेंस और भाड़ा) में रॉयल्टी पेमेंट को शामिल न करने के आरोप में 153.58 करोड़ रुपए की कस्टम ड्यूटी की वसूली के लिए भेजा गया है। यह जानकारी कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई।

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की जांच के बाद यह 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है। इस जांच में आरोप लगाया गया है कि कुछ आयातित सामानों की मूल्यांकन योग्य मूल्य में रॉयल्टी पेमेंट को शामिल नहीं किया गया था।

22 सितंबर की तारीख वाला यह नोटिस नवी मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट स्थित कस्टम्स कमिश्नर के ऑफिस से जारी किया गया था और कंपनी को यह 24 सितंबर को मिला।

इसके अतिरिक्त, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स और उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैमसंग पर भी जांच चल रही है। यह जांच आयात किए गए ओएलईडी ग्लास स्क्रीन पर 5 प्रतिशत की रियायती कस्टम ड्यूटी के कथित गलत दावों को लेकर हो रही है।

डीआरआई अधिकारियों का मानना ​​है कि रियायती दर आम बाजार में बिकने वाले प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले पुराने एलसीडी और एलईडी के लिए है।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओएलईडी पार्ट्स के मामले में डीआरआई का मानना ​​है कि सैमसंग और एलजी दोनों को 15 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी देनी चाहिए थी।

वहीं, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने ओएलईडी इंपोर्ट से जुड़े अधिकारियों के लिखित सवालों के जवाब भेज दिए हैं और अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक कस्टम ड्यूटी के अंतर की रकम स्वेच्छा से जमा कर दी है।

इसके अतिरिक्त, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 27.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 653 करोड़ रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 513 करोड़ रुपए था। मुनाफे में यह बढ़ोतरी गर्मियों में मजबूत मांग और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बिक्री की वजह से हुई है।

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान कंपनी की आय 15.5 प्रतिशत बढ़कर 7,233 करोड़ रुपए हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 6,262 करोड़ रुपए था।

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Created On :   25 Sept 2026 3:57 PM IST

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