राजस्थान मुख्य सचिव ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं के लिए परिवहन व्यवस्था मजबूत करने के दिए निर्देश​‌

राजस्थान मुख्य सचिव ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं के लिए परिवहन व्यवस्था मजबूत करने के दिए निर्देश​‌
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में '104 जननी एक्सप्रेस' सेवा के संचालन और प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं, खासकर हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए।

जयपुर, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में '104 जननी एक्सप्रेस' सेवा के संचालन और प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं, खासकर हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और जननी एक्सप्रेस के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है।

श्रीनिवास ने अधिकारियों को प्रत्येक एंबुलेंस के इस्तेमाल की नियमित समीक्षा करने और फील्ड से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्थानीय स्तर पर संचालन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि उपलब्ध एंबुलेंस का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सके और जरूरतमंद महिलाओं को समय पर परिवहन सुविधा मिल सके।

मुख्य सचिव ने जननी एक्सप्रेस कॉल सेंटर के रोजाना के कामकाज की विस्तृत समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। इसमें सहायता के लिए कॉल आने से लेकर एंबुलेंस भेजे जाने तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को कॉल रिकॉर्ड को मासिक रिपोर्ट से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य निदेशक के स्तर पर इसकी समीक्षा की जा सके।

श्रीनिवास ने कहा कि इससे हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और महिलाओं को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। मुख्य सचिव ने एंबुलेंस सेवा के संचालन और प्रबंधन की व्यापक समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जननी एक्सप्रेस के आगामी संचालन को लेकर भी चर्चा की गई। इसमें ओपन टेंडर प्रक्रिया या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के जरिए सेवा के प्रबंधन के विकल्पों पर विचार किया गया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक जोगाराम ने बताया कि राजस्थान में जननी एक्सप्रेस सेवा के तहत 600 एंबुलेंस उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि जनवरी 2021 से 10 दिसंबर 2025 तक कुल 18,86,048 लाभार्थियों ने इस सेवा का लाभ उठाया। फिलहाल इस सेवा का संचालन राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के माध्यम से किया जा रहा है। जुलाई 2026 से सभी 600 एंबुलेंस के पूरी तरह संचालित होने की उम्मीद जताई गई थी।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री ए. राठौड़, वित्त विभाग के प्रतिनिधि, जन स्वास्थ्य निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त मिशन निदेशक, वित्त निदेशक, परियोजना निदेशक, स्टोर अधिकारी, राज्य नोडल अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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Created On :   3 Oct 2026 10:32 PM IST

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