मेघालय कैबिनेट ने राज्य के स्वामित्व वाली सीमेंट कंपनी का 24.43 करोड़ रुपए का बकाया माफ किया

मेघालय कैबिनेट ने राज्य के स्वामित्व वाली सीमेंट कंपनी का 24.43 करोड़ रुपए का बकाया माफ किया
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को बताया कि मेघालय कैबिनेट ने सरकारी कंपनी 'मेघालय चेरा सीमेंट लिमिटेड' (एमसीसीएल) को बंद करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी को औपचारिक रूप से बंद करने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए लगभग 24.43 करोड़ रुपए की बकाया देनदारियों को बट्टे खाते में डाला जाएगा (यानी उन्हें माफ कर दिया जाएगा)।

शिलांग, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को बताया कि मेघालय कैबिनेट ने सरकारी कंपनी 'मेघालय चेरा सीमेंट लिमिटेड' (एमसीसीएल) को बंद करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी को औपचारिक रूप से बंद करने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए लगभग 24.43 करोड़ रुपए की बकाया देनदारियों को बट्टे खाते में डाला जाएगा (यानी उन्हें माफ कर दिया जाएगा)।

मंजूर की गई छूट में लगभग 8.9 करोड़ रुपए का बकाया सेल्स टैक्स और 15.53 करोड़ रुपए की रॉयल्टी देनदारियां शामिल हैं, जिससे कंपनी को बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने का रास्ता साफ हो गया है।

संगमा ने कहा कि सरकार ने कंपनी के कर्मचारियों का बकाया पहले ही चुका दिया है। उन्होंने यह पक्का करने का अपना वादा पूरा किया कि कंपनी बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले कर्मचारियों के बकाया भुगतान का निपटारा कर दिया जाए।

इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एमसीसीएल पूरी तरह से राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी थी और बकाया देनदारियों में ज्यादातर सरकारी विभागों को दिया जाने वाला पैसा शामिल था।

उन्होंने संकेत दिया कि इन देनदारियों को बनाए रखने से कंपनी बंद करने की प्रक्रिया मुश्किल हो जाती, क्योंकि इन रकमों में असल में राज्य प्रशासन के अलग-अलग विभागों के बीच पैसों का लेन-देन शामिल होता।

कैबिनेट के बकाया टैक्स और रॉयल्टी को माफ करने के फैसले से कंपनी को बंद करने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। इससे सरकार इन अंतर-विभागीय देनदारियों के कारण अतिरिक्त वित्तीय खर्च किए बिना औपचारिकताएं पूरी कर सकेगी।

यह कदम राज्य के स्वामित्व वाली सीमेंट कंपनी के कामकाज को खत्म करने की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदम है। कर्मचारियों के बकाया का निपटारा और बकाया देनदारियों का समाधान कंपनी बंद करने की प्रक्रिया के मुख्य हिस्से हैं।

सीमेंट बनाने के लिए पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के तौर पर स्थापित एमसीसीएल, मेघालय में राज्य के स्वामित्व वाली एक औद्योगिक इकाई रही है। इसके बंद होने से सरकार कंपनी को बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने और इसके कामकाज से जुड़ी वित्तीय देनदारियों को निपटाने के करीब पहुंच गई है।

हालांकि, कैबिनेट की मंजूरी खास देनदारियों को माफ करने और औपचारिक रूप से कंपनी बंद करने की प्रक्रिया से जुड़ी है। उम्मीद है कि सरकार कंपनी बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जरूरी प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाएगी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार कंपनी से जुड़े बकाया वित्तीय मामलों को सुलझाने और लागू नियमों के अनुसार प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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Created On :   13 Oct 2026 10:56 PM IST

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