एच-1बी और ग्रीन कार्ड विवाद माइक्रोसॉफ्ट अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने नकारे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के आरोप

एच-1बी और ग्रीन कार्ड विवाद माइक्रोसॉफ्ट अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने नकारे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के आरोप
एच-1बी वीजा कार्यक्रम के गलत इस्तेमाल के आरोपों का माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने खंडन क‍िया। ये आरोप अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से कंपनी पर लगाए थे। स्मिथ ने चेतावनी दी कि अगर कुशल विदेशी पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता रोका गया तो इससे अमेरिका का तकनीकी क्षेत्र लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है।

वाशिंगटन, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। एच-1बी वीजा कार्यक्रम के गलत इस्तेमाल के आरोपों का माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने खंडन क‍िया। ये आरोप अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से कंपनी पर लगाए थे। स्मिथ ने चेतावनी दी कि अगर कुशल विदेशी पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता रोका गया तो इससे अमेरिका का तकनीकी क्षेत्र लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है।

राजनीतिक समाचार वेबसाइट 'पोलिटिको' को दिए एक इंटरव्यू में स्मिथ ने कहा, "लगता है किसी ने उपराष्ट्रपति को हमारे आंकड़ों की सही जानकारी नहीं दी।"

उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट की ओर से दायर किए जाने वाले अधिकांश ग्रीन कार्ड आवेदन नए कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय से कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए होते हैं। स्मिथ ने कहा, "दुर्भाग्य से इसकी वजह सिर्फ यह है कि ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा सूची बहुत लंबी है।"

उन्होंने इस आरोप को भी खारिज किया कि माइक्रोसॉफ्ट विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन देता है। उन्‍होंने कहा क‍ि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप वीजा पर आए हैं या अमेरिकी नागरिक हैं। सभी के लिए वेतन और मुआवजे की व्यवस्था एक जैसी है।

स्मिथ ने कहा क‍ि हम अपने रिकॉर्ड के साथ मजबूती से खड़े हैं। मुझे उम्मीद है कि व्हाइट हाउस इस मामले को फिर से देखेगा और वास्तविक स्थिति को समझेगा।

यह इंटरव्यू ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही जेडी वेंस ने घोषणा की थी कि माइक्रोसॉफ्ट समेत आठ कंपनियों को अपने विदेशी कुशल कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आठ अक्टूबर को अमेरिकी श्रम विभाग ने आठ कंपनियों की 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन' (पीईआरएम) प्रक्रिया को निलंबित कर दिया था। इनमें भारतीय आईटी कंपनियां इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), विप्रो और एचसीएलटेक भी शामिल हैं।

पीईआरएम प्रक्रिया आमतौर पर नियोक्ता द्वारा प्रायोजित ग्रीन कार्ड के लिए पहला कदम होती है। वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट पर आरोप लगाया था कि कंपनी एच-1बी कार्यक्रम का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम लागत पर विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए करती है।

उन्होंने कहा था, "आप एक बेहतरीन अमेरिकी कंपनी हैं, लेकिन आपको बेहतरीन अमेरिकी कर्मचारियों को ही नौकरी देनी चाहिए।"

वेंस ने कहा था कि यह प्रतिबंध जरूरत पड़ने तक जारी रहेगा। हालांकि, आप्रवासन विशेषज्ञों के अनुसार 13 अक्टूबर तक श्रम विभाग की ओर से ऐसा कोई विस्तृत लिखित आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया था, जिसमें इस निलंबन की अवधि या दायरा स्पष्ट हो।

ब्रैड स्मिथ ने इस पूरे मामले के समय पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस दिन यह निलंबन घोषित किया गया, उसी दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन से सम्मानित किया था। नडेला स्वयं कभी एच-1बी वीजा धारक रह चुके हैं।

स्मिथ ने कहा, "जब राष्ट्रपति ने छह लोगों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सम्मान दिया, तो उनमें से पांच लोग ऐसे थे जो प्रवासी के रूप में अमेरिका आए थे।"

उन्होंने कहा क‍ि सोचिए कि इन लोगों ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवनशैली और समृद्धि के लिए कितना योगदान दिया है। हमें इसे खतरे में नहीं डालना चाहिए।

स्मिथ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ऐसे संकेत देता है कि विदेशी प्रतिभाओं का स्वागत नहीं है, तो भविष्य के बेहतरीन एआई और सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमेरिका के बजाय अन्य देशों का रुख कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका की तकनीकी बढ़त को नुकसान पहुंच सकता है।

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Created On :   16 Oct 2026 2:07 PM IST

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