ओडिशा एमएमडीआर कानून को लेकर विधानसभा में लगातार पांचवें दिन हंगामा

ओडिशा एमएमडीआर कानून को लेकर विधानसभा में लगातार पांचवें दिन हंगामा
खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 (एमएमडीआर अमेंडमेंट एक्ट) के खिलाफ विपक्ष का विरोध सोमवार को भी ओडिशा विधानसभा में जारी रहा। हंगामे के कारण लगातार पांचवें कार्य दिवस सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

भुवनेश्वर, 28 सितंबर (आईएएनएस)। खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 (एमएमडीआर अमेंडमेंट एक्ट) के खिलाफ विपक्ष का विरोध सोमवार को भी ओडिशा विधानसभा में जारी रहा। हंगामे के कारण लगातार पांचवें कार्य दिवस सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस के विधायक हाथों में तख्तियां और गले में काला दुपट्टा पहनकर विधानसभा अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने संशोधित खनन कानून को 'ओडिशा विरोधी' और 'आदिवासी विरोधी' बताया।

विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने विधायकों से बार-बार सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही सुबह 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्षी विधायक फिर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने विपक्ष के इस रवैये की कड़ी आलोचना की।

इसके बाद बीजेडी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में पार्टी की ओर से आयोजित विशाल विरोध रैली में शामिल हो गए। इस रैली में एमएमडीआर संशोधन कानून को वापस लेने की मांग की गई।

हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के अंदर अपना विरोध जारी रखा। करीब आधे घंटे तक सदन की कार्यवाही चलने के बाद हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 ओडिशा सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विपक्ष इस कानून के खिलाफ अपना विरोध वापस लेने को तैयार नहीं है।

मीडिया से बात करते हुए बीजद नेता प्रमिला मलिक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस कानून पर चर्चा से बच रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच दिनों से बीजेडी की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार केंद्र सरकार के डर से इस मुद्दे पर चर्चा कराने से बच रही है।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा कि वह एमएमडीआर कानून के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्षी पार्टियां चर्चा नहीं करना चाहती हैं।

बीजेडी ने सोमवार को एमएमडीआर संशोधन कानून के खिलाफ भुवनेश्वर में एक विशाल विरोध रैली भी आयोजित की। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाला इंडिया गठबंधन बुधवार को इस मुद्दे पर प्रदर्शन करने वाला है।

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Created On :   28 Sept 2026 9:35 PM IST

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