कीर्ति वर्धन सिंह ने आइसलैंड में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत लगाया पौधा

कीर्ति वर्धन सिंह ने आइसलैंड में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत लगाया पौधा
विदेश राज्य मंत्री तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शनिवार को आइसलैंड के पोरस्मोर्क वन का दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक रोवन का पौधा लगाया।

रेक्जाविक, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शनिवार को आइसलैंड के पोरस्मोर्क वन का दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक रोवन का पौधा लगाया।

कीर्तिवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आइसलैंड के पोरस्मोर्क वन का दौरा किया और इसके अनोखे पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने और उसकी रक्षा के लिए किए जा रहे प्रेरणादायक संरक्षण प्रयासों को देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत आइसलैंड की एक देशी प्रजाति रोवन का पौधा लगाया।"

उन्होंने कहा, "रोवन के पेड़ को ऐतिहासिक रूप से आइसलैंड की लोककथाओं में पवित्र माना जाता है और अक्सर इसे काटने से बचाया जाता है।"

शुक्रवार को कीर्तिवर्धन सिंह ने रेक्जाविक में आइसलैंड के पर्यावरण, ऊर्जा और जलवायु मंत्री जोहान पॉल जोहानसन से मुलाकात की और स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा, "रेक्जाविक में आइसलैंड के पर्यावरण, ऊर्जा और जलवायु मंत्री जोहान पॉल जोहानसन से मिलकर खुशी हुई, जो भारत में दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन में भाग लेकर लौटे हैं। स्वच्छ/नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के अवसरों पर एक सार्थक चर्चा हुई।"

उन्होंने कहा, "इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हमारी भागीदारी को और गहरा करने और हमारे दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।"

मंत्री ने हेल्लीशेइदीपावर प्लांट का भी दौरा किया, जो दुनिया की अग्रणी भूतापीय ऊर्जा सुविधाओं में से एक है।

उन्होंने एक पोस्ट में कहा, “आइसलैंड के हेल्लीशेइदी पावर प्लांट का दौरा किया, जो दुनिया की अग्रणी भू-तापीय (जियोथर्मल) ऊर्जा सुविधाओं में से एक है। यह बेहद ज्ञानवर्धक यात्रा रही, जिसने स्वच्छ और सतत ऊर्जा के लिए भू-तापीय संसाधनों के अभिनव उपयोग में आइसलैंड की क्षमता को करीब से समझने का अवसर दिया। भू-तापीय ऊर्जा और व्यापक स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में भारत-आइसलैंड सहयोग को और मजबूत करने के लिए यहां से कई महत्वपूर्ण सीख मिल सकती हैं।”

कीर्तिवर्धन सिंह ने रेक्जाविक में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ भी बातचीत की और उन्हें समर्पण और उद्देश्य के साथ राजनयिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे पीएम मोदी के 3टी- व्यापार (ट्रेड), प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और पर्यटन (टूरिज्म) के विजन को आगे बढ़ाया जा सके और सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में भारत-आइसलैंड संबंधों को और गहरा किया जा सके।

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Created On :   11 Oct 2026 12:01 AM IST

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