बिहार पुलिस ने मसाज सेंटरों और पार्लरों पर छापा मारा, 13 गिरफ्तार

बिहार पुलिस ने मसाज सेंटरों और पार्लरों पर छापा मारा, 13 गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर में एक विशेष पुलिस टीम ने काजी मोहम्मदपुर और नगर थाना क्षेत्रों में कई संदिग्ध स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी मसाज सेंटरों और ब्यूटी पार्लरों की आड़ में चल रही कथित अवैध गतिविधियों की सूचना के बाद की गई।

पटना, 13 अगस्त (आईएएनएस)। मुजफ्फरपुर में एक विशेष पुलिस टीम ने काजी मोहम्मदपुर और नगर थाना क्षेत्रों में कई संदिग्ध स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी मसाज सेंटरों और ब्यूटी पार्लरों की आड़ में चल रही कथित अवैध गतिविधियों की सूचना के बाद की गई।

इस अभियान के दौरान पुलिस ने 12 महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है और जांचकर्ता कथित नेटवर्क की प्रकृति और सीमा का पता लगाने में जुटे हैं।

शहर के एसडीपीओ सुरेश कुमार के अनुसार, पुलिस को कुछ समय से शहर के प्रमुख इलाकों में कुछ प्रतिष्ठानों में संदिग्ध अवैध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।

सूचनाओं की पुष्टि के बाद, एक विशेष टीम का गठन किया गया और कई स्थानों पर समन्वित छापेमारी की गई। इस अभियान में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।

पुलिस संदिग्ध गतिविधियों में एक महिला ब्यूटी पार्लर संचालक की भूमिका की भी जांच कर रही है।

जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या इस अभियान का कांति थाना क्षेत्र में दर्ज अपहरण और गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों से कोई संबंध है।

लापता व्यक्तियों के परिवारों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस को कुछ सुराग मिले। इन सुरागों के आधार पर कुछ ब्यूटी पार्लरों और मसाज सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

इस अभियान के दौरान कई लापता लड़कियों को बचाया गया, और जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे छापेमारी वाले स्थानों पर कैसे पहुंचीं।

शुरुआती पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी मिली है कि कैसे कमजोर महिलाओं और लड़कियों को इस कथित नेटवर्क में शामिल किया गया होगा।

पुलिस को संदेह है कि कुछ व्यक्तियों को आश्रय, वित्तीय सहायता या अन्य सहायता का वादा करके अवैध गतिविधियों में घसीटा गया होगा।

अधिकारी इन आरोपों को तथ्यों के रूप में मानने के बजाय दस्तावेजी और अन्य सबूतों के आधार पर इनकी पुष्टि कर रहे हैं।

पुलिस की जांच अब कथित मुख्य संचालकों और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर केंद्रित है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या संदिग्ध गिरोह को किसी और से सहायता या संरक्षण प्राप्त था।

एसडीपीओ सुरेश कुमार ने कहा कि पूछताछ जारी है और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Created On :   13 Aug 2026 11:18 PM IST

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