नागांव उपचुनाव समागुरी में रकीबुल हुसैन का विरोध

नागांव उपचुनाव समागुरी में रकीबुल हुसैन का विरोध
कांग्रेस सांसद और असम के पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन को आगामी नागांव उपचुनाव के लिए सोमवार को समागुरी में चुनाव प्रचार के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। जब वे पार्टी के उम्मीदवार सिबामोनी बोरा के लिए समर्थन जुटाने खाटोवाल क्षेत्र पहुंचे, तो लोगों के एक समूह ने उनके खिलाफ काले कपड़े लहराए और नारे लगाए।

गुवाहाटी, 28 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद और असम के पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन को आगामी नागांव उपचुनाव के लिए सोमवार को समागुरी में चुनाव प्रचार के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। जब वे पार्टी के उम्मीदवार सिबामोनी बोरा के लिए समर्थन जुटाने खाटोवाल क्षेत्र पहुंचे, तो लोगों के एक समूह ने उनके खिलाफ काले कपड़े लहराए और नारे लगाए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी उत्तरी खाटोवाल में जमा हुए और कांग्रेस नेता के क्षेत्र में प्रवेश करते ही 'रकीबुल हुसैन वापस जाओ' और 'रकीबुल हुसैन मुर्दाबाद' के नारे लगाए। उन्होंने हुसैन के बेटे, कांग्रेस नेता तंजील हुसैन और पार्टी उम्मीदवार सिबामोनी बोरा के खिलाफ भी नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिता-पुत्र की 'दादागिरी' समागुरी में स्वीकार्य नहीं होगी।

नागांव लोकसभा उपचुनाव से पहले असम में तेज होते राजनीतिक अभियान के बीच यह प्रदर्शन हुआ है, जिसमें पार्टियां मतदाताओं से संपर्क साधने के प्रयास तेज कर रही हैं। हुसैन ने लोकसभा में जाने से पहले कई बार समागुरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वो इस क्षेत्र में कांग्रेस का एक प्रमुख चेहरा बने हुए हैं। उनका परिवार पार्टी की स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता रहता है।

समागुरी में हुसैन के चुनाव प्रचार के दौरान यह पहली बार नहीं है जब उनका विरोध हो रहा है। इससे पहले भी काले झंडे लहराने और कांग्रेस विरोधी नारे लगाने की खबरें आई हैं, जो इस चुनाव के आसपास के तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल को उजागर करती हैं।

नागांव उपचुनाव कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले दोनों खेमों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि दोनों पार्टियां अपना समर्थन आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है और हुसैन उनके लिए सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं। विपक्षी गठबंधन और भाजपा के नेतृत्व वाले खेमे द्वारा आने वाले दिनों में अपने प्रचार अभियान को तेज करने की उम्मीद है।

इस उपचुनाव ने कई स्थानीय और राज्य स्तरीय मुद्दों को और भी स्पष्ट कर दिया है, जिनमें क्षेत्र में कांग्रेस की संगठनात्मक शक्ति और स्थापित राजनीतिक परिवारों का प्रभाव शामिल है। प्रचार के जोर पकड़ने के साथ, हुसैन से जुड़ा यह ताजा विरोध नागांव में मुकाबले को एक नया आयाम दे सकता है। अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन से संबंधित किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं दी है।

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Created On :   28 Sept 2026 10:16 PM IST

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