छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री

छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने महिसागर जिले के कोयदम स्थित धनवंतरी आयुर्वेद कॉलेज और अस्पताल से संबंधित निरीक्षण निष्कर्षों के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है।

गांधीनगर/महिसागर, 15 मई (आईएएनएस)। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने महिसागर जिले के कोयदम स्थित धनवंतरी आयुर्वेद कॉलेज और अस्पताल से संबंधित निरीक्षण निष्कर्षों के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह घटनाक्रम नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) द्वारा अपने चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड के माध्यम से पिछले वर्ष 6 अगस्त को जारी एक पत्र के बाद सामने आया है, जिसमें कॉलेज और अस्पताल से संबंधित कई मुद्दों को उजागर किया गया था, जिनमें शैक्षणिक मानक, बुनियादी ढांचा और संस्थागत कामकाज शामिल हैं।

इसके बाद, 18 नवंबर को केंद्र सरकार के आयुष विभाग ने तीन सदस्यीय निरीक्षण समिति का गठन किया, जिसने संस्थान का विस्तृत निरीक्षण किया।

अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण में अस्पताल सेवाओं, शैक्षणिक व्यवस्था, कर्मचारियों की संख्या और छात्र सुविधाओं का आकलन किया गया।

समिति ने अस्पताल में मरीजों की संख्या में कमी, कर्मचारियों की अपर्याप्त उपलब्धता और शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण व्यवस्था में खामियों को पाया।

समिति ने यह भी पाया कि पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और अन्य छात्र सहायता सुविधाओं जैसी आवश्यक अवसंरचना में सुधार की आवश्यकता है।

निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया कि मौजूदा परिस्थितियों में संस्थान में पढ़ाई जारी रखना संभव नहीं हो सकता है।

इन निष्कर्षों के बाद, गांधीनगर स्थित स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय में संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में संस्थान में नामांकित छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करने और एनसीआईएसएम एवं आयुष अधिकारियों के समन्वय से नियामक अनुपालन संबंधी मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि चर्चा के दौरान छात्रों के अभिभावकों की बातों को भी ध्यान में रखा गया।

मुख्य चिंता यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों की शैक्षणिक प्रगति बाधित न हो।

चर्चा किए गए विकल्पों में प्रभावित छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त और अनुमोदित संस्थानों में स्थानांतरित करने या समायोजित करने की संभावना भी शामिल थी ताकि उनकी शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित हो सके।

इस मामले पर बोलते हुए पंशेरिया ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित सुविधाएं मिलें।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार नियामक दिशानिर्देशों के भीतर काम करते हुए पारदर्शी और संवेदनशील दृष्टिकोण अपना रही है।

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Created On :   15 May 2026 10:31 PM IST

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